भारतीय ट्रक ड्राइवर्स की डिमांड इन दिनों यूरोप के दो देशों में खूब बढ़ गई है. इसके लिए ट्रक या बस ड्राइवर्स को फ्री वीजा और एयर टिकट का ऑफर भी मिल रहा है.
ऐसी एक हायरिंग प्रोसेस कर्नाटक में चल रही है. यहां कर्नाटक सरकार के स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप डिपार्टमेंट के तहत आने वाला इंटरनेशनल माइग्रेशन सेंटर-कर्नाटक (आईएमसी-के) ट्रक और बस ड्राइवर्स के इंटरव्यू ले रहा है. जल्द ही इनके लिए एक ड्राइविंग टेस्ट भी ऑर्गनाइज होने वाला है.
कोई एजुकेशन नहीं, ट्रैवल होगा फुल फ्री
टीओआई की एक खबर के मुताबिक इस तरह ट्रक-बस ड्राइवर्स की ये पहली भर्ती है. यूरोप के दो देश पोलैंड और हंगरी को ट्रक ड्राइवर्स की जरूरत है. सबसे बड़ी बात, इस जॉब के लिए कोई विशेष एजुकेशन नहीं मांगी गई है. बस ट्रक-बस ड्राइवर्स को अच्छी अंग्रेजी बोलनी आनी चाहिए. वहीं जॉब के लिए चुने जाने चाले ड्राइवर्स को फ्री वीजा और एयर टिकट भी मिलेगा.
ड्राइवर्स के पास होना चाहिए ये योग्यता
ट्रक और बस ड्राइवर्स की इस हायरिंग के लिए अच्छी इंग्लिश के साथ एक और योग्यता मांगी गई है. वह है कि सभी के पास सितंबर 2009 से पहले जारी हुआ भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए. मतलब कि जो भी लोग पोलैंड और हंगरी में ट्रक या बस ड्राइवर की नौकरी करना चाहते हैं उनके पास सितंबर 2009 से पहले भारत सरकार या राज्य सरकार की ओर से जारी हुआ हेवी ट्रक ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए.
20 और 21 जून को होगा ड्राइविंग टेस्ट
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस जॉब के लिए कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में एक ड्राइविंग टेस्ट भी रखा गया है. 20 और 21 जून को शहर के येलाहांका में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ट्रक और बस ड्राइवर्स के ड्राइविंग स्किल का टेस्ट होगा. ये टेस्ट महिला और पुरुष दोनों के लिए ओपन है.
ट्रेनिंग के बाद मिलेगी 1.5 लाख तक सैलरी
ड्राइविंग टेस्ट में पास होने वाले ट्रकर्स को 6 महीने की कड़ी ट्रेनिंग हासिल करनी होगी. उसके बाद उन्हें 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक की मासिक सैलरी मिलेगी. इतना ही नहीं ट्रेनिंग पीरियड के दौरान भी उन्हें 50,000 से 60,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगाः.
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