Thursday, February 29, 2024

जैसे को तैसा (कहानी) : गोनू झा

 बात उन दिनों की है जब गोनू झा मिथिला नरेश के दरबारी नहीं थे। उनके दिन अभाव में गुजर रहे थे। उनके साथ उनका छोटा भाई भी था । दोनों के लिए भोजन-वसन जुटाना गोनू झा के लिए मुश्किल हो रहा था । गाँव में रोजगार नहीं। एक बार सूखा पड़ा तो खेत-पथार सभी सूख गए। जिधर भी दृष्टि जाती फटी बिबाइयों वाली बंजर धरती ही दिखती। ब्राह्मण होते हुए भी गोनू झा ने विप्र-वृति नहीं अपनाई थी कि कहीं माँगकर खा लें और अपने भाई भोनू झा में भी यह वृति नहीं पनपने दी थी । चाहते तो वे भी ‘पोथी -पतरा' लेकर जन्म कुण्डली बनाते या घर-घर जाकर पूजा कराते और जजमनका से मिले 'सीधा' से अपना और अपने भाई का पेट सुख से पाल लेते किन्तु बचपन से ही स्वाभिमानी गोनू झा को किसी के आगे हाथ फैलाना गँवारा नहीं था ।


एक दिन ऐसी नौबत आ गई कि घर में एक भी दाना नहीं बचा। गोनू झा को चिन्ता हुई कि आखिर वे भोनू झा को खिलाएँ तो क्या ? वे खुद तो एक-दो दिन उपवास कर सकते थे किन्तु भोनू झा भोजन-भट्ट थे । भूख लगी नहीं कि बेहाल हो जाते । गोनू झा सबकुछ देख सकते थे मगर भोनू झा को भूख से बिलबिलाते हुए नहीं देख सकते थे। उन्होंने सोचा – पास के कस्बे में जाकर कोई काम कर लूँ , शाम तक कुछ न कुछ मेहनताना तो मिल ही जाएगा । भोनू झा को घर पर ही रहने की नसीहत देकर वे पास के गाँव की ओर चल पड़े ।


गोनू झा ने कभी मजदूरी नहीं की थी । रास्ते में वे सोचते जा रहे थे कि आखिर कस्बे में वे किसके पास जाएँगे और क्या काम माँगेंगे ? घर से चलते समय उन्होंने सोचा था कि कुछ भी कर लेंगे मगर अब उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर करेंगे भी तो क्या ? कस्बे में पहुँचकर वे इधर-उधर भटकते रहे मगर उन्हें यह नहीं सूझ रहा था कि किसके पास जाकर वे काम माँगें और क्या काम माँगें ? कस्बे में भटकते-भटकते वे थक से गए । मानसिक रूप से बोझिल और विचारशून्य ! कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि करें भी तो क्या करें ? थकान के कारण बुरा हाल था । जेठ की सुलगती झुलसती हवा और तपती धूप से परेशान , पसीने से तरबतर , गोनू झा को लगा कि यदि वे इस तरह भटकते रहे तो लू की चपेट में आ ही जाएंगे । उन्होंने आस- पास ऐसी जगह के लिए दृष्टि घुमाई जहाँ दो घड़ी के लिए वे बैठ जाएँ। प्यास से कंठ खुश्क हो रहा था और गर्मी से मन व्याकुल । उनकी नजर एक हलवाई की दुकान पर पड़ी। वे उस दुकान में चले गए । दुकान में मिठाइयों को देखकर उनकी अंतड़ियाँ कुलबुलाने लगीं। दुकान में पीढ़े पर वे बैठे और हलवाई उनके पास पानी लेकर आ गया । गोनू झा ने थोड़ा सुस्ता लेने के बाद भर छाँक पानी पीया ।


हलवाई ने उनसे पूछा- “क्यों भइया ? क्या खाओगे ?"


गोनू झा ने अपनी तोंद सहला रहे हलवाई की ओर देखा और बहुत संकोच से बोले-“भाई ! मुझे खाना भी है और डेढ़-दो सेर मिठाई भी लेकर जाना है मगर मेरे पास पैसे नहीं हैं । तुम चाहो तो मैं तुम्हें अपनी अंगूठी दे देता हूँ । मैं दो-तीन दिनों में आकर तुम्हें पैसे दे जाऊँगा और अपनी अँगूठी ले जाऊँगा। “गोनू झा ने अपने दाएँ हाथ की अनामिका से एक चाँदी का छल्ला निकालकर हलवाई की ओर बढ़ाया और फिर कहा-“मैं पड़ोस के गाँव का हूँ ...मेरा विश्वास करो।"




हलवाई ने अँगूठी अपने हाथ में लेकर देखी । उसकी आँखों में काइयाँपन उभर आया । उसने गोनू झा से कहा -" भाई , लगता है कि तुम भूखे हो । भूखे को खाना खिलाना धरम है इसलिए मैं तुम्हें खिलाऊँगा –जितनी खा सको , खा लो ... और डेढ़ सेर क्या , दो सेर मिठाई ले जाओ लेकिन यह मत सोचना कि इस चार आना भर के चाँदी के छल्ले के लिए तुम्हें ये मिठाइयाँ खिलाई हैं ... पड़ोस गाँव से आए हो , इस नाते हमारे मेहमान ही हुए । और मेहमान का सत्कार भला कोई कैसे नहीं करेगा ?"


गोनू झा ने मन ही मन सोचा कि कितना काइयाँ आदमी है यह! आठ आना भर चाँदी की अँगूठी को यह चार आना भर कह रहा है! वे कुछ बोले नहीं । भर पेट जलेबी और कचौड़ी खाई। फिर रसगुल्ले और कुछ पंतुआ भी खाए। हलवाई ने उन्हें दो सेर मिठाइयाँ भी तौलकर मिट्टी की हंडी में डालकर दे दी । गोनू झा ने कुछ कचौड़ी और जलेबी भी भोनू के लिए बँधवाया । मन ही मन गोनू झा ने सोचा कि कहीं से कुछ पैसों का जुगाड़ करके वे हलवाई के पैसे दे जाएँगे और अपनी अँगूठी ले जाएँगे । गोनू झा मन ही मन बहुत प्रसन्न थे कि चलो, भोनू की भूख मिटाने की व्यवस्था हो गई।


मगर दो-तीन दिन में पैसे का इंतजाम गोनू झा नहीं कर पाए। दो-तीन माह में भी नहीं। गाँव के एक धनी किसान के बच्चों को पढ़ाने का काम उन्हें मिल गया था , सो किसी तरह वे अपना और अपने भाई का पेट पाल रहे थे ।


संयोग यह हुआ कि इसके कुछ माह बाद अच्छी बारिश हुई । अच्छी फसल के कारण गाँव में खुशहाली आई । गोनू झा की माली हालत में सुधार हुआ । वे एक दिन उस हलवाई के पास गए और उसकी मिठाइयों के पैसे चुकाकर अंगूठी की माँग की मगर हलवाई ने उनसे पैसे लेने और उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया । गोनू झा मन मसोसते हुए वापस आ गए।


कहते हैं कि नियति के रंग-ढंग निराले होते हैं । संयोगों की रचना भी नियति ही करती है । संयोगवश गोनू झा के गाँव में एक बार फिर अकाल पड़ा । भोनू की परवरिश को लेकर गोनू झा फिर परेशान हो गए । और एक दिन फिर भोनू को साथ लेकर उसी कस्बे में काम की खोज के लिए पहुंचे।


दिन चढ़ने पर भोनू झा भूख से बिलबिलाने लगा और गोनू झा से बार -बार कुछ खिलाने के लिए कहने लगा। जब दोनों भाई उसी हलवाई की दुकानवाली राह पर पहुँचे तो अतीत की स्मृतियाँ गोनू झा के दिमाग में कौंध गईं और उन्होंने तुरन्त फैसला कर लिया कि हलवाई को सबक सिखाने का यही मौका है । भोनू झा को अँगूठी वाली घटना की कोई जानकारी नहीं थी । उन्होंने भोनू झा से कहा, " हम दोनों भाई भर पेट मिठाई खा सकते हैं । इस हलवाई की दुकान में जो कुछ भी पसन्द आए, तुम जाकर खाओ । मैं थोड़ी देर बाद आऊँगा । तुमसे अलग बैठूँगा। तुम दुकान में अजनबी की तरह रहना । भूलकर भी न मेरी तरफ देखना और न बात करना। जो खाना है, खा -पीकर चल देना । दुकानदार से डरना मत । दुकानदार तुम पर चिल्लाए तो कहना कि तुम खाने से पहले ही पैसे दे चुके हो । दुकानदार तुमसे झगड़े, तुम अपनी बात पर डटे रहना । इसके बाद मैं सब सँभाल लूँगा।"


गोनू झा सशंकित मन से हलवाई की दुकान में गया और कचौड़ी, तरकारी, जलेबी, दही और रसगुल्ले मँगाकर उन पर टूट पड़ा ।





जब भोनू झा का खाना लगभग समाप्त होकाने को था तब दुकान में गोनू झा आए। उन्होंने भी अपने लिए कचौड़ी-जलेबी , रसगुल्ले और दही मँगाई और खाने में मग्न हो गए । अभी उन्होंने चार कचौडियाँ ही खाईं थी कि भोनू झा की आवाज उनके कानों से टकराई मैं तो खाने से पहले ही पैसा दे चुका हूँ। थोड़ी ही देर में हलवाई और भोनू झा के बीच में जबरदस्त तू-तू , मैं-मैं होने लगी। भोनू झा पूरी तरह से डटा हुआ था और गोनू झा खाने में लगे हुए थे। दुकान में झगड़ा होते देख राहगीर दुकान के पास जमा हो गए। हल्ला -हंगामा के कारण बाजार की चौकसी करनेवाला सिपाही दुकान में पहुँच गया और दुकानदार से पूछने लगा कि क्या बात हुई है ? हलवाई कुछ बोले, उससे पहले ही भोनू झा ने उस सिपाही से कहा-“इस दुकानदार ने खाना देने से पहले मुझसे पैसे ले लिए । अब मैं जा रहा हूँ तो यह दुबारा पैसे माँग रहा है ।"


दुकानदार इस सफेद झूठ से उत्तेजित हो गया और आवेश में बोला, “सिपाही जी , यह सरासर झूठ बोल रहा है।"


भोनू झा ने सिपाही से कहा “मैं अगर झूठ बोल रहा हूँ तो आप उस आदमी से पूछिए जो वहाँ खाना खा रहा है । जिस समय मैं पैसे दे रहा था उस समय ही यह आदमी यहाँ आया था ।"


सिपाही ने गोनू झा की तरफ देखा। वे खाकर हाथ -मुँह धो रहे थे। सिपाही ने गोनू झा को आवाज दी तो गोनू झा फूट-फूटकर रोते हुए सिपाही के पास पहुँचे। सिपाही ने कहा-“अरे तुम क्यों रो रहे हो ? मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूँगा भाई! डरो मत ।"


गोनू झा ने सुबकते हुए कहा-“मैं आपसे नहीं , इस हलवाई से डर रहा हूँ। खाना देने से पहले इसने मुझसे भी पूरी फेहरिश्त ली कि मैं क्या-क्या खाऊँगा और जब मैंने इससे कहा कि भाई, पहले खा तो लेने दो -फिर पैसे ले लेना तब इसने कहा कि इस दुकान का दस्तूर यही है पहले पैसा, तब सामान । कोई खाकर चल देगा तो मैं क्या करूँगा? यह भाई जी ठीक ही कह रहे हैं पैसा चुकाकर जब ये खाना खाने बैठे, उसी समय तो यह हलवाई पैसा गिनते हुए मुझसे हुज्जत कर रहा था ।"


हलवाई गोनू झा की बातें सुनकर हत्प्रभ रह गया । “अरे! क्या बोल रहे हो भाई ? क्यों झूठ बोलकर मुझे फँसा रहे हो ?” उसने गोनू झा से कहा ।


मगर गोनू झा ने सिपाही का हाथ पकड़ते हुए कहा-“आप ही इन्साफ करिए माई-बाप ! यह दुकानदार तो मुझे भी झूठा कह रहा है!”


फिर क्या था ! सिपाही ने तड़ाक एक बेंत हलवाई की पीठ पर लगाई और कहा-“बंद कर अपनी जुबान । ये दोनों शरीफ आदमी हैं । हम भी आदमी पहचानते हैं । तुम बेकार का प्रपंच रचकर ग्राहकों को लूटते हो । मैं तुम्हें हवालात की सैर कराकर रहूँगा।” सिपाही ने गोनू झा और भोनू झा को दुकान से जाने को कह दिया और हलवाई से उलझता रहा ।


गोनू झा समझ चुके थे कि यह सिपाही भी हलवाई से अपना ‘चढ़ावा' वसूल कर ही उसे छोड़ेगा । गोनू झा ने रास्ते में भोनू झा को ‘अँगूठी वाली घटना' बता दी ताकि भोनू झा के मन में इस घटना का बुरा प्रभाव नहीं पड़े ।


भोनू झा भी समझ गया कि उसके भैया ने हलवाई को सबक सिखाने के लिए तेरहम-विधा का इस्तेमाल किया ।

सऊदी अरब ने रमजान के दौरान अपने देश की मस्जिदों में इफ्तार करने पर पाबंदी लगा दी है। इस पाबंदी को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के आदेश के बाद लागू किया गया है। रमजान के दौरान हर साल सऊदी अरब की मस्जिदों में बड़े पैमाने पर इफ्तार का आयोजन किया जाता है।

 रियाद: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद ने रमजान से पहले मस्जिदों में इफ्तार पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 11 मार्च को शुरू होगा और इस साल 9 अप्रैल तक समाप्त होगा। सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने 20 फरवरी, 2024 के एक आदेश में मस्जिद कर्मचारियों के लिए रमजान के महीने के दौरान पालन करने के लिए निर्देशों का एक सेट जारी किया था। मंत्रालय ने इमामों और मुअज्जिनों को इफ्तार दावतों के आयोजन के लिए वित्तीय दान एकत्र करने से प्रतिबंधित करने के आदेश भी जारी किए हैं। मंत्रालय ने यह आदेश रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में साफ-सफाई को बनाए रखने के लिए जारी किया है।




इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने क्या कहा


इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा था, "इस्लामिक_मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय रमजान 1445 हिजरी के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों से संबंधित कई निर्देश जारी करता है।" आदेश में कहा गया है, "साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में इमाम और मुअज़्ज़िन रोजेदारों और अन्य लोगों के लिए इफ्तार परियोजनाओं के लिए वित्तीय दान एकत्र नहीं करेंगे।" नोटिस में मस्जिदों के अंदर इफ्तार की दावतें आयोजित करने पर साफ-सफाई से समझौता किए जाने का मुद्दा उठाया गया है, जिसमें इमाम और मुअज्जिन को मस्जिदों के प्रांगणों में इन दावतों के आयोजन की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है और उन पर दावत खत्म होने के तुरंत बाद सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





मस्जिदों में साफ-सफाई को लेकर जारी किया आदेश


मंत्रालय के नोटिस में कहा गया है, "साफ-सफाई की चिंताओं के कारण मस्जिदों के अंदर इफ्तार कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाने चाहिए, इसलिए मस्जिदों के प्रांगण में अस्थायी कमरों, तंबू आदि के उपयोग के बिना एक उचित स्थान तैयार किया जाना चाहिए और इफ्तार किया जाना चाहिए।" इमाम और मुअज़्ज़िन की जिम्मेदारी के तहत, रोजा तोड़ने वाले का दायित्व है कि वह खाना खत्म करने के तुरंत बाद उस जगह को साफ करे।" इसके अलावा, मंत्रालय ने मस्जिद परिसर के अंदर कैमरों के उपयोग को हतोत्साहित करते हुए कहा कि उनका उपयोग इमाम और नमाज अदा करने वाले उपासकों को रिकॉर्ड करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे उपासकों की श्रद्धा कमजोर होती है।





सोशल मीडिया पर प्रचार को लेकर भी प्रतिबंध लगाया


मंत्रालय ने यह भी आदेश जारी किया कि प्रार्थनाओं को सोशल मीडिया सहित किसी भी प्रकार के मीडिया पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए, प्रार्थना के समय मस्जिद परिसर के अंदर किसी भी कैमरे की अनुमति नहीं दी जाएगी, और आगंतुकों को वीडियो शूट करने से परहेज करने का आदेश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान अनुपस्थित रहने से बचने और समय की पाबंदी बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए गए हैं।






Bill Gates with Dolly Chaiwala: हाल ही में वायरल इस वीडियो में बिल गेट्स ना केवल चाय की चुस्की का लुत्फ उठा रहे हैं, बल्कि भारत के इनोवेशन की तारीफ भी करते नजर आ रहे हैं.

 Bill Gates Enjoys Tea Made By Dolly Chaiwala: आखिरकार माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे रईस लोगों की लिस्ट में शुमार बिल गेट्स को गरमा गर्म चाय भारत तक खींचकर ले ही आई. इन दिनों सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें बिल गेट्स ना केवल चाय की चुस्की का लुत्फ उठा रहे हैं, बल्कि भारत के इनोवेशन की तारीफ भी करते नजर आ रहे हैं. जरा आप भी डालिए वीडियो पर एक नजर.

चाय की टपरी पर बिल गेट्स (dolly ki tapri bill gtes viral video)




क्या आपने कभी बिल गेट्स को टपरी पर चाय का स्वाद लेते देखा है. अगर नहीं तो हाल ही में वायरल इस वीडियो को देखना तो बनता है, जिसे खुद बिल गेट्स ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया है. वीडियो में वो जिस चाय वाले को ऑर्डर दे रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि 'डॉली चायवाला' है. इंटरनेट पर 'डॉली की टपरी' (bill gates chaiwala) के तमाम वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. इस चायवाले का चाय बनाने का अंदाज ही नहीं, बल्कि उसे परोसने का अंदाज भी बेहद हटके है, जो लोगों को काफी पसंद आता है. खास बात ये है कि, पहले भी कई फॉरेनर्स यूट्यूबर्स ने 'डॉली की टपरी' (Dolly Chaiwalla) पर पहुंच कर कई व्लॉग बनाए हैं.

यहां देखें वीडियो



बिल गेट्स का यह वायरल वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है. वीडियो की शुरुआत में बिल गेट्स कहते हैं, एक चाय प्लीज. इसके बाद वीडियो में दिखाई पड़ता है 'डॉली चायवाले' (india ka famous chai wala) का ठेला, जिसमें वह चाय बनाता नजर आता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि, कैसे वो अपने अनोखे अंदाज में सबसे पहले अदरक कूटता है और फिर इलाइची मिलाते हुए, चाय पत्ती डालता नजर आता है. इसके बाद आखिर में चाय पकने के बाद वो कांच के ग्लास में चाय डालकर बिल गेट्स के हाथ में थमा देता है. वीडियो के आखिर में दोनों चाय के साथ पोज देते नजर आते हैं. वीडियो को शेयर करते हुए बिल गेट्स ने ये भी मेंशन किया कि, वह काफी समय बाद भारत आकर बहुत उत्साहित हैं, जो 'इनक्रेडिबल इनोवेटर्स' का घर है.






Wednesday, February 28, 2024

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को लेकर एक बार फिर से चर्चा है। दरअसल इस बार कहानी थोड़ी अलग है और इन खबरों की वजह हैं उनके पैरेंट्स। खबर आई कि सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर 58 साल की उम्र प्रेग्नेंट हैं। कइयों को इस खबर ने हैरान किया, लेकिन इस सच्चाई के पीछे परिवार की एक बड़ी वजह है जिससे नकारा नहीं जा सकता।

 सिद्धू मूसेवाला की मां फिर से बनने जा रही हैं मां, इकलौती संतान थे सिंगर

खबर है कि दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सिद्दू के घर मार्च में खुशियां आनेवाली है और सिंगर की मां फिर से बच्चे को जन्म देने जा रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर ये बड़ा फैसला है और यकीनन ये परिवार के लिए भी बहुत बड़ा और कठोर फैसला है। अब यहां ये समझने की जरूरत है कि उम्र के इस पड़ाव पर आखिर परिवार ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया होगा। बता दें कि सिद्धू मूसेवाला अपने परिवार की इकलौती संतान थे और उनकी हत्या के बाद माता-पिता के पास कोई सहारा नहीं रहा।





चरण कौर वाकई में मां बनने वाली हैं

मूसेवाला के ताया यानी उनके बड़े पापा चमकौर सिंह ने इस प्रेग्नेंसी की इस खबर को कन्फर्म किया है और बताया है कि चरण कौर वाकई में मां बनने वाली हैं।




58 साल की उम्र में IVF तकनीक की ली मदद

बताया जा रहा है मूसेवाला के पैरेंट ने 58 साल की उम्र में IVF तकनीक की मदद से अपनी फैमिली को आगे बढ़ाने का फैसला लिया और इसमें उन्हें सफलता भी मिली।





सिद्धू मूसेवाला के नाम अथाह सम्पत्ति

बताया जाता है कि सिद्धू मूसेवाला के नाम अथाह सम्पत्ति है। जाहिर सी बात है कि एक पैरेट के लिए ये चिंता का विषय है कि उनके जाने के बाद उनके पैसों, घर, लगंजरी गाड़ियों और बाकी सम्पत्ति का क्या होगा। ऐसे में काफी सोच-समझकर लिए गए इस फैसले की पीछे न जाने परिवार की कितनी वजहें होंगी। आइए जानते हैं सिद्धू मूसेवाला ने कितनी सम्पत्ति अपने पीछे छोड़ी है।





एक गाने से उन्हें करोड़ों की इनकम

मूसेवाला देश से लेकर विदेशों तक में काफी पॉप्युलर थे। 'जी वैगन', 'टोचन', पंजाबी फिल्म ‘डाकुआ दा मुंडा’ का 'डॉलर सॉन्ग' और जट्टा दा मुकाबला' जैसे कई उनके गाने हैं जिनपर मिलियन में व्यूज हैं। कहते हैं कि अपने एक गाने से उन्हें करोड़ों की इनकम होती थी।




सिद्धू मूसेवाला की नेटवर्थ

बता दें कि सिद्धू के निधन के बाद उनके नेट वर्थ को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई थी उसमें बताया गया था कि वह USD 14 मिलियन यानी 114 करोड़ अपने पीछे छोड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक एक लाइव कॉन्सर्ट के लिए वह 21 लाख रुपये चार्ज करते थे। ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका और कनाडा तक में उनके कॉन्सर्ट तकी बड़ी डिमांड थी।




रेंज रोवर, इसुजू डी मैक्स से लेकर मर्सिडीज जैसी गाड़ियां

वहीं उनके पास बड़ी और लग्जरी कारें थीं। कहते हैं कि उनकी इन गाड़ियों में सफेद रंग की रेंज रोवर, इसुजू डी मैक्स, मर्सिडीज एएमजी 63, मस्टैंग, फॉर्च्यूनर, जीप और टोयोटा जैसी कई शानदार गाड़ियां थीं। बता दें कि उनकी कई गाड़ियों की कीमत करोड़ों में हैं। इसके अलावा सिद्धू मूसेवाला को अच्छी और महंगी बाइक का काफी शौक था।





पंजाब में उनकी आलीशान हवेली

बताया जाता है कि पंजाब में उनकी आलीशान हवेली के अलावा कनाडा में भी उनका अपना शानदार घर है। बताया जाता है कि मूसेवाला ने अपना पहला गाना 'जी वैगन' कनाडा से रिलीज किया था और इसके बाद उन्होंने भारत और कनाडा में लाइव शो में परफॉर्म किया और यहां से उनकी पॉप्युलैरटी काफी बढ़ गई।





निधन के बाद उनके गाने पर मिलियन में व्यूज

इतना ही नहीं, सिद्धू की मौत के बाद भी उनके गाने से जबरदस्त कमाई हुई थी। सिद्धू मूसेवाला की जबरदस्त फैन फॉलोइंग रही है और अपने लॉयल फैन्स की वजह से आज भी उनके गानों की जबरदस्त कमाई हो रही है। उनके निधन के बाद उनके गाने पर मिलियन में व्यूज रहे हैं और यूट्यूब के जरिए कमाई उनके जाने के बाद भी होती रही।






Public Relation Officer Recruitment 2024 राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन

 RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन जारी: आरपीएससी पब्लिक रिलेशन ऑफिसर भर्ती 2024 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन 6 पदों के लिए जारी किया गया है। RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रोसेस और डायरेक्ट लिंक नीचे उपलब्ध करवा दिया है। राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 मार्च से 3 अप्रैल 2024 तक कर सकते हैं। RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क एवं सभी जानकारी नीचे दी गई है। अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले एक बार ऑफिशल नोटिफिकेशन जरूर देख लें।





RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Notification

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लिए जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आरपीएससी जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 का आयोजन 6 पदों के लिए किया जाएगा। राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 मार्च 2024 से शुरू होंगे। आरपीएससी जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2024 तक रखी गई है। अभ्यर्थी राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते





 RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Overview

Recruitment Organization Rajasthan Public Service Commission, Ajmer

Post Name Public Relation Officer

Advt No. 16/2023-24

Total Posts 6

Salary/ Pay Scale L-12 (Grade Pay 4800/-)

Job Location Rajasthan

Category RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024

Mode of Apply Online

Last Date Form 3 April 2024

Official Website rpsc.rajasthan.gov.in





RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Vacancy Details

आरपीएससी पब्लिक रिलेशन ऑफिसर वैकेंसी 2024 का आधिकारिक नोटिफिकेशन 6 पदों के लिए जारी किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए तीन पद, ओबीसी के लिए एक पद, एमबीसी के लिए एक पद और ईडब्ल्यूएस के लिए भी एक पद रखा गया है।


Important Dates

Event Date

Date of Release of Notification 28 February 2024

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Start Form Date 5 March 2024

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Last Date 3 April 2024

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Exam date Updated Soon

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Application Fee

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 में सामान्य वर्ग और अनारक्षित वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपए रखा गया हैं। ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपए रखा गया है। अभ्यर्थी आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं।


सामान्य वर्ग और अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु: 600 रुपए

राजस्थान के अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु: 400 रुपए

समस्त दिव्यांगजन अभ्यर्थियों हेतु: 400 रुपए

सभी वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम है, के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के समान ही आवेदन शुल्क 400 रुपए रखा गया है।

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Age Limit

सामान्य वर्ग और अनारक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष तक रखी गई है।

इस भर्ती में आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की जाएगी।

सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है।

राजस्थान राज्य की मूल निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सहरिया वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है।

राजस्थान राज्य के मूल निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सहरिया वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी गई है।

विधवाओं और विवाह-विछिन्न महिलाओं के मामले में कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है।

राजस्थान के अन्य आरक्षित वर्गों को भी राजस्थान सरकार के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है।





RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Educational Qualification

आरपीएससी जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार रखी गई है।


Degree of a University established by Law in India with 5 years experience of Journalism in a National or State Level Paper or in National News agencies or in Central or State Public Relations or Information and Broadcasting Department on post Assistant Public Relations Officer.

OR

Degree of a University established by Law in India with a diploma in Journalism from a recognized Institution.

OR

Post graduate in Hindi or English of a University established by Law in India and 3 years experience of Journalism in a national or State Level paper or Central or State Public Relation or Information & Broadcasting Department.

Working knowledge of Hindi written in Devnagri Script and knowledge of Rajasthani culture.

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Selection Process

आरपीएससी जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा साक्षात्कार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एवं मेडिकल के आधार पर किया जाएगा।


Written exam

Interview

Document Verification

Medical






RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Pay Scale

आरपीएससी जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए वेतनमान पर मैट्रिक्स लेवल L-12 के अनुसार ग्रेड-पे 4800 रुपए रखा गया है। जबकि अभ्यर्थियों को परिवीक्षा काल में नियत मासिक वेतन दिया जाएगा।


RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 Required Documents

RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए अभ्यर्थी के पास निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।


10वीं कक्षा की मार्कशीट

12वीं कक्षा की मार्कशीट

ग्रेजुएशन की मार्कशीट

अभ्यर्थी का फोटो एवं सिग्नेचर

जाति प्रमाण पत्र

अभ्यर्थी का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

आधार कार्ड

अन्य कोई दस्तावेज, जिसका अभ्यर्थी लाभ चाहता है।

How to Apply RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024

राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें। RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया नीचे दी गई है। अभ्यर्थी नीचे दी गई स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस को फॉलो करते हुए RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।


सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट को ओपन करना है।

इसके बाद आपको होम पेज पर Recruitment सेक्शन पर क्लिक करना है।

फिर आपको RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 पर क्लिक करना है।

इसके बाद RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के ऑफिशल नोटिफिकेशन को ध्यान पूर्वक पूरा पढ़ लेना है।

फिर अभ्यर्थी को अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करना है।

इसके बाद अभ्यर्थी को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी ध्यान पूर्वक सही-सही भरनी है।

फिर अपने आवश्यक डाक्यूमेंट्स, फोटो एवं सिग्नेचर अपलोड करने हैं।

इसके बाद अभ्यर्थी को अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क का भुगतान करना है।

आवेदन फॉर्म पूरा भरने के बाद इसे फाइनल सबमिट कर देना है।

अंत में आपको आवेदन फॉर्म का एक प्रिंट आउट निकाल कर सुरक्षित रख लेना है।





RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 मार्च से 3 अप्रैल 2024 तक कर सकते हैं।


RPSC Public Relation Officer Recruitment 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

राजस्थान जनसंपर्क अधिकारी भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया और डायरेक्ट लिंक ऊपर दिया गया है।


Positive Story: भिक्षावृत्ति देश के लिए एक बड़ी समस्या है. हालांकि, ऐसा करने वालों के पास इसके पीछे अपने-अपने कारण होते हैं. सरकार, प्रशासन और पुलिस लगातार इसे खत्म और कम करने की काम कर रही है. उज्जैन में इसके लिए खास मुहिम चलाई जा रही है.

 किसी भी अच्छे समाज के लिए भिक्षावृत्ति पाप की तरह होती है. हालांकि, कई लोग इस काम को मजबूरी में करते हैं तो कई बार ये काम के पीछे बड़े अपराध होते हैं. अब इसी से मुक्ति के लिए उज्जैन में काम हो रहा है और जल्द ही शहर भिक्षावृत्ति से मुक्त होगा.




बड़ी संख्या में भिक्षावृत्ति के लिए भिखारी बच्चों से लेकर बूजुर्ग तक देखे जाते हैं. इनके लिए अब पुनर्वास पर काम चल रहा है. सरकार, प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ उज्जैन नगर निगम अब इस पर काम कर रहे हैं.




उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, हरसिद्धि माता मंदिर (51 शक्तिपीठों में से एक), बाबा काल भैरव, चामुंडा माता, चिंतामण गणेश मंदिर, क्षिप्रा नदी का श्री राम घाट, मंगलनाथ धाम, सिद्धवट धाम, श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम दर्शन के लिए हैं.



मुख्य रूप से शहर के सभी दार्शनिक स्थलों में भिखारी बैठते हैं. कुछ लोग शहर की अन्य सड़कों पर भी भिक्षावृत्ति करते हैं. वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के साथ-साथ अन्य ऐसे स्थान जहां भीड़ जुटती है वहां कोई न कोई भिक्षा मांगते दिख ही जाता है.





अवंतिका को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत एनजीओ, पुलिस, नगर निगम टीम कलेक्टर के निर्देशन में काम करेगा. योजना में भीख मांगने वाले बच्चो को आंगनवाड़ी के साथ ही युवाओं को स्किलडेवलोपमेन्ट से रोजगार दिलवाने की तैयारी हो रही है.




सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि पीएम मोगी हर हाथ में काम की कल्पना को लेकर काम कर रहे हैं. इसे ही उज्जैन में साकार किया जाएगा. भिक्षावृत्ति वालों का जीवन स्तर सुधारना के साथ ही देशभर के मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के को यहां से बेहतर संदेश जाएगा.





सांसद ने कहा कि हाल ही में अब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर लेकर आए हैं. हम लोगों से भी अपील करते है कि जनभागीदारी में शासन को भी आप सहयोग कर सकते हैं. जब किसी तीर्थ स्थल जाए और आपको लगता है किसी को किसी भिक्षावृत्ति मांगने वाले बच्चे को अपनाना चाहिए तो अपनाइए और चार धाम तीर्थ का पुण्य पाइये.








Thangalaan Story: एक्टर चियान विक्रम स्टारर फिल्म थंगालान अपने फर्स्ट लुक और टीजर रिलीज के बाद से ही हर दिन सुर्खियों में है. 19वीं सदी की शुरुआत की पृष्ठभूमि पर आधारित ये पीरियड ड्रामा फिल्म उन सच्ची घटनाओं की कहानी बयां करेगी

 Thangalaan Story: एक्टर चियान विक्रम स्टारर फिल्म थंगालान अपने फर्स्ट लुक और टीजर रिलीज के बाद से ही हर दिन सुर्खियों में है. 19वीं सदी की शुरुआत की पृष्ठभूमि पर आधारित ये पीरियड ड्रामा फिल्म उन सच्ची घटनाओं की कहानी बयां करेगी जो कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड में माइन वर्कर्स के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म की शूटिंग केजीएफ (कोलार गोल्ड फील्ड्स) के रियल लोकेशन्स पर हुई है. जिसे सिनेमाघरों में खूब पसंद किया गया था.

जी हां, ये फिल्म में रियल केजीएफ (कोलार गोल्ड फील्ड्स) की झलक स्क्रीन्स पर पेश करने वाली है. इस फिल्म को रियल लोकेशन पर शूट किया गया है. निर्देशक पा. रंजीत ने स्टोरीटेलिंग की प्रामाणिकता और वास्तविकता को बनाए रखने लिए ऐसा किया हैं. निर्देशक ने यह भी सुनिश्चित किया कि टीम कोलार के रिमोट लोकेशन्स में रहे और फिल्म को वास्तविक केजीएफ (कोलार गोल्ड फील्ड्स) में शूट किया जाए



फिल्म की कहानी कोलार गोल्ड फील्ड्स की वास्तविक कहानी को दर्शाती है. एक हजार साल पहले, कोलार सोने की खान क्षेत्र की खोज अंग्रेजों ने की थी, और फिर अपने फायदे के लिए उन्होंने इसे लूट लिया था. थंगालान के अलावा कई ब्लॉकबस्टर फिल्में बना चुके स्टूडियो ग्रीन के पास सूर्या स्टारर कांगुवा भी इस साल रिलीज होने वाली एक और सबसे बड़ी फिल्म है. थंगालान अप्रैल 2024 में दुनिया भर में हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज़ होने वाली है, और फिल्म का संगीत जीवी प्रकाश कुमार द्वारा तैयार किया गया है.







नहले पर दहला (कहानी) : गोनू झा

 एक शाम गोनू झा अपने तालाब के पास टहल रहे थे। मंद-मंद बयार बह रही थी । गाँव के घरों से धुआँ उठने लगा था । पनिहारिनें कुओं से पानी लेकर अपने घरों की ओर जा रही थीं । कभी-कभी कुछ हलवाहे अपने हल और बैल के साथ खेतों से निकलकर पगडंडियों से गुजरते दिख पड़ते थे। तालाब के पास से जब वे गुजरते तो बैलों के गले में बँधी घुँघरुओं की पट्टी से मधुर ध्वनि निकलती और पेड़ों के झुरमुट में बैठी चिड़ियों की चहचहाहट के साथ मिलकर एक संगीत मिश्रित शोर पैदा करती ।


शाम का यह मंजर बहुत मनभावन था । गोनू झा शाम के इस सौन्दर्य को निहारते हुए कुछ गुनगुना रहे थे। तभी दूर से आते युवराज को देखकर गोनू झा की तन्द्रा भंग हुई । वे चकित से देख रहे थे कि महाराज का किशोर पुत्र उनकी तरफ ही तेज-तेज चलते हुए आ रहा है ।


गोनू झा के लिए यह अप्रत्याशित था कि महाराज का बेटा गाँव की पगडंडियों से पाँव पैदल चलता हुआ इस तालाब तक आए मगर यह सच था-थोड़ी ही देर में राजा का बेटा उनके सामने खड़ा था ...। गोनू झा ने उसकी ओर देखा । युवराज हाँफ-सा रहा था । तेज चलने के कारण उसकी साँसें फूल गई थीं । युवराज ने गोनू झा के पास पहुँचकर उन्हें नमस्कार किया ।


गोनू झा ने युवराज की ओर देखकर मुस्कुराते हुए पूछा -" क्या बात है युवराज , गाँव की सैर के लिए निकले हो ?"


युवराज ने अपनी साँसों पर काबू पाते हुए कहा-“पंडित जी , मुझे कोई सच सा लगनेवाला ऐसा झूठ बताइए जिससे बड़ा कोई दूसरा झूठ नहीं हो।"


युवराज की बात सुनकर गोनू झा हत्प्रभ रह गए – “अरे !... ऐसा क्या है युवराज ? अचानक आपको यह क्या सूझी कि एक झूठ की तलाश में गाँव चले आए?" गोनू झा ने पूछा । हालाँकि गोनू झा समझ चुके थे कि जरूर कोई ऐसी घटना हो गई है जिससे युवराज परेशान हैं और खुद चलकर उनके पास आए हैं ।


युवराज ने उनकी ओर अनुनय-भरी दृष्टि से देखा और कहा-“बस , पंडित जी , मुझे आप कोई ऐसा झूठ बताइए जिसकी कोई काट नहीं हो ।"


गोनू झा ने युवराज की बेकली भाँप ली और उसका कंधा थपथपाते हुए बोले, “युवराज ! आपको झूठ सुनना है तो मैं जरूर सुनाऊँगा। लेकिन यदि आप मुझे बता दें कि आप यह झूठ क्यों सुनना चाहते हैं , तो शायद मैं आपके लिए ज्यादा अनुकूल झूठ बता पाऊँ ।... आइए , घर चलते हैं । वहीं बैठकर बातचीत करते हैं और आपकी जरूरत समझकर कोई झूठ भी आपको बता दूंगा ।"


गोनू झा अपने साथ युवराज को लेकर अपने घर आ गए। पत्नी को आवाज देकर युवराज के लिए मिठाई और लस्सी मँगवाई 



जलपान से निवृत होकर युवराज ने फिर गोनू झा से कहा-“पंडित जी , शाम ढल रही है । महल में मेरे न होने से वहाँ सभी चिन्तित होंगे । कृपया मुझे कोई झूठ सुना दें , ऐसा झूठ , जिससे बड़ा झूठ कोई दूसरा मुझे नहीं सुना सके !"


गोनू झा ने कहा-“युवराज ! पहले आप मुझे बताएं कि आप ऐसा झूठ क्यों सुनना चाहते हैं ? मुझे पूरी बात बताइए -तभी मैं आपकी कोई सहायता कर सकूँगा ।"


युवराज ने गोनू झा को बताना शुरू किया “पंडित जी ! आज सुबह मैं दीवान और नगर सेठ के पुत्रों के साथ बाजार गया था । वे दोनों मेरे मित्र हैं और सहपाठी भी । हम तीनों बाजार में मटरगश्ती करते हुए इधर-उधर की बातचीत कर रहे थे। थोड़ी देर में ही बातें झूठ पर टिक गईं। सभी तरह-तरह की झूठी गप्पें हाँकते और हँसते । इसी तरह बात -बात में हम तीनों बहुत जोश में आ गए और हममें बाजी लग गई कि जो सबसे बड़ा झूठ बोलेगा , उसे सौ स्वर्ण -मुद्राएँ मिलेंगी।” इतना कहकर युवराज चुप हो गया ।


युवराज की मुखमुद्रा देखकर गोनू झा को यह बात समझ में आ गई कि बात यहीं खत्म नहीं हुई है । उन्होंने युवराज से कहा-“युवराज! आप चुप हो गए ! आगे क्या हुआ, बताइए , नहीं तो मैं आपकी मदद नहीं कर पाऊँगा।"


युवराज ने झिझकते हुए कहना शुरू किया “पंडित जी ! इसके बाद दीवान- पुत्र ने सबसे पहले झूठ सुनाना शुरू कर दिया । उसने कहा-आज से सौ साल पहले मेरे परदादा यहाँ के राजा थे।... और आज जो मिथिला नरेश हैं , उनके परदादा बहुत गरीब थे -निर्धन ! इधर उधर टहल -टिकोला करते उनकी जिन्दगी गुजर रही थी । एक दिन वे मेरे परदादा के पास आए जिससे कि राजकोष से उनकी परवरिश के लिए एक निश्चित रकम वेतन के रूप में मिल सके । मेरे परदादा को उन पर दया आ गई और उन्होंने उन्हें हुक्का भरने के काम पर अपनी निजी चाकरी के लिए रख लिया ..."


युवराज ने आगे बताया “क्या कहूँ पंडित जी , उसकी गप्प सुनते ही मेरी मति मारी गई और मुझे गुस्सा आ गया ।... और मैं गुस्से में बोल पड़ा-झूठ ! बिलकुल झूठ... ऐसा हो ही नहीं सकता ! मिथिला नरेश का वंश- वृक्ष ( वह दस्तावेज जिसमें वंश का उल्लेख रहता है कि वर्तमान नरेश के पिता कौन थे , उनके पिता के पिता , पितामह के पिता , परपितामह के पिता, वृद्ध परपितामह के पिता... यानी सुदूर अतीत से लेकर वर्तमान तक का पूर्वजीय ब्यौरा) राज महल में उपलब्ध है। चाहो तो देख लो ... मेरा ऐसा कहना था कि दीवान के बेटे ने तपाक से कहा-मैंने कब कहा कि मैं सच कह रहा हूँ ? अरे यार! बात तो झूठ की थी । लो , मैंने सुना दी सबसे बड़ी झूठ ! अब निकालो सौ स्वर्ण- मुद्राएँ। और चूँकि मैं शर्त हार गया था , इसलिए मैंने दीवान पुत्र को सौ स्वर्ण-मुद्राएँ दे दीं ।”


गोनू झा पूरी तन्मयता से युवराज की बातें सुन रहे थे। उन्होंने युवराज की ओर देखते हुए पूछा-“फिर क्या हुआ युवराज ?"



युवराज ने फिर कहना शुरू किया-“पंडित जी ! इसके बाद नगर-सेठ के पुत्र ने कहना शुरू किया -‘ एक बार की बात है ... राज्य में भयंकर बाढ़ आई हुई थी । सारे खेत-खलिहान डूब गए थे। गाँव के लोग जीवन-रक्षा के लिए पलायन कर गए । यही हाल नगर का था । नगरवासी भी बाढ़ की विनाशलीला से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर आ चुके थे। नगर में केवल मेरा परिवार बचा रह गया था या फिर महाराज का । चूंकि मेरा परिवार व्यापार से धन अर्जन करता है इसलिए हमारे पास अनाज का अकूत भंडार था , जो हमारे भवन के सबसे ऊपरी तल्ले पर रखा गया था कि यदि बाढ़ का पानी हमारे भवन में प्रवेश करे तो अनाज को कोई क्षति न पहुँचे। बाढ़ के कारण, राजभवन के छोटे कर्मचारी और खिदमतगार भाग चुके थे। एक दिन बाढ़ का पानी राजभवन में घुस ही गया और देखते देखते राजभवन का अन्न -भंडार पानी में डूब गया ...। इसके बाद राजभवन के लोग भूख से बिलबिलाने लगे तब महाराज स्वयं मेरे पिता के पास आए और अपना अंग-वस्त्रम उनके सामने फैलाकर विनती की कि सेठ जी ! दया करके हमारे महल में कुछ अनाज की बोरियाँ भिजवा दीजिए ! भगवान आपको मदद करेगा...! ठीक वैसे ही बोल रहे थे महाराज , जैसे भिखमंगे भीख माँगने के लिए बोलते हैं... गुहार लगाते हैं । बस, पंडित जी ! इतना सुनते ही मुझे क्रोध आ गया और मैं नगर सेठ के बेटे पर टूट पड़ा । उसका गला दबाते हुए मैं चीखने लगा-शर्म नहीं आती तुम्हें...महाराज के प्रति ऐसा झूठा बकवास करते हुए ! तुम्हारे पिता जैसे हजार व्यापारी मिलकर भी मिथिला नरेश की सम्पदा की बराबरी नहीं कर सकते ।


"... इसके बाद पंडित जी ! नगर-सेठ के पुत्र ने विनम्रतापूर्वक अपना गला छुड़ाते हुए कहा- क्रोधित न हो युवराज! बात तो झूठ कहने की थी ! मुझे खुशी है कि मैंने आपको सबसे बड़ा झूठ सुना दिया अब आप अंटी ढीला करें ! आप शर्त हार गए...इसलिए निकालिए सौ स्वर्ण- मुद्राएँ। “युवराज ने कहा और लम्बी साँस ली , फिर गोनू झा की ओर देखकर कहा -" बस , पंडित जी ! शर्त के अनुसार मैंने सौ स्वर्ण- मुद्राएँ दे दीं और उन्हें यह कहकर वापस आ गया कि शाम होने को है, मैं अपनी तरफ से झूठ कल सुनाऊँगा।"


...इसके बाद पंडित जी , मैं आपको खोजता हुआ तालाब के पास पहुँच गया । मैं मुश्किल में हूँ पंडित जी , क्योंकि वे दो सौ स्वर्ण-मुद्राएँ राजकोष की हैं । यदि इन्हें कोषागार में नहीं डाला गया तो मैं किसी को मुँह दिखाने के काबिल नहीं रह पाऊँगा । पंडित जी ! बस , आप ही मेरी मदद कर सकते हैं ।” इतना कहकर युवराज सिसकने लगा ।


गोनू झा अपने स्थान से उठे और उसकी पीठ थपथपाते हुए बोले – “शान्त हो जाएँ युवराज ! अभी आप घर जाएँ । विश्राम करें । कल मैं आपके साथ वेश बदलकर चलूँगा और मैं झूठ सुनाऊँगा-उन्हें ! आपके दो सौ स्वर्ण- मुद्राओं के स्थान पर उनसे चार सौ स्वर्ण मुद्राएँ दिलवाऊँगा। आप चिन्ता न करें । हाँ , कल जब मैं आपके साथ चलूँ तो आप अपने मित्रों से मेरा परिचय यह कहते हुए कराएँ कि ये मेरे मामा हैं ... यह सब कहते हुए आप बिलकुल नहीं घबराएँ...बाकी मैं सँभाल लूँगा।"


युवराज आश्वस्त होकर गोनू झा के घर से राजमहल वापस लौट गया ।




दूसरे दिन गोनू झा के साथ युवराज बाजार पहुँचा। थोड़ी ही देर में दीवान का पुत्र और नगर-सेठ का पुत्र भी वहाँ पहुँच गए । दोनों मन ही मन प्रसन्न थे कि कल तो युवराज से सौ-सौ स्वर्ण-मुद्राएँ दोनों ने जीत ली थीं , शायद आज भी कुछ लक्ष्मी- कृपा हो जाए । युवराज अपने मित्रों के साथ बाजार के मध्य में बने चबूतरे तक आया जहाँ बाजार में आए लोग आवश्यकता पड़ने पर विश्राम करते थे। इसके बाद उसने अपने मित्रों का परिचय अपने मामा बने गोनू झा से कराया । युवराज के मित्र उतावले हो रहे थे कि युवराज सफल नहीं होगा और उन्हें फिर सौ-दो सौ स्वर्ण -मुद्राएँ बैठे -बिठाये हाथ लग जाएँगी इसलिए बिना 'मामा' पर ध्यान दिए ही दोनों ने युवराज से कहा-“युवराज ! अब सुनाओ सबसे बड़ा झूठ ।”


युवराज ने अपने मित्रों से कहा -" क्यों न हम इस झूठ- प्रतियोगिता में मामाजी को भी शामिल कर लें ?"


दीवानपुत्र और नगर-सेठ के पुत्र ने गोनू झा पर दृष्टि डाली । गोनू झा ने अपना वेश बिलकुल गँवारों की तरह बना रखा था । दोनों ने गोनू झा को देखकर सोचा-यह तो निपट गँवार लग रहा है ... यह भला क्या झूठ सुनाएगा ! शामिल होने दो ... इसकी गाँठ से भी कुछ स्वर्ण- मुद्राएँ मिल जाएँगी। फिर दोनों ने लगभग एक साथ कहा -" कोई बात नहीं युवराज , इन्हें भी शामिल कर लो मगर शर्त इन्हें बता दो कि सबसे बड़ा झूठ यदि ये नहीं बोल पाए तो इन्हें दो-दो सौ स्वर्ण -मुद्राएँ देनी पड़ेंगी।"


युवराज ने चौंककर पूछा- “दो-दो सौ स्वर्ण- मुद्राएँ? क्यों ? कल तो शर्त सौ स्वर्ण-मुद्राओं पर ही लगी थी ... ?"


युवराज के दोनों मित्र मुस्कुराए और बोले, "कल की बात कल गई, आज तो यही शर्त लगेगी ।"


युवराज कुछ कहता कि उससे पहले युवराज के मामा बने गोनू झा ने कहा-“मुझे आप लोगों की शर्त मंजूर है! अब आप लोग बताएँ , पहले कौन झूठ सुनाएगा ?"


युवराज को भरोसा हो चुका था कि अब कमान गोनू झा के हाथों में आ चुकी है इसलिए युवराज चुप रहा। उसके दोनों मित्र बोल पड़े – “लगभग एक साथ ही-आप युवराज के मामा हैं तो हमारे लिए भी आप मामा ही हैं-आप ही पहले सुनाएँ- झूठ! लेकिन याद रहे झूठ ऐसा हो जिसका तोड़ न हो , वरना आप याद रखें , दो-दो सौ स्वर्ण- मुद्राएँ..."


उनकी बात पूरी होती, उससे पहले ही गोनू झा ने अपनी जेब से एक थैली निकाली और उनके सामने थैली खोलते हुए उन्हें दिखाया-“यह देखिए ! एक सहश्र स्वर्ण- मुद्राएँ हैं थैली में मैं तो ठहरा गँवार आदमी ! थैली मैं युवराज को थमा देता हूँ । यदि मैं झूठ न सुना सकूँ तब युवराज तत्काल आप दोनों को दो-दो सौ स्वर्ण-मुद्राएँ इस थैली से निकालकर दे देंगे ठीक है न !"


दोनों मित्र प्रसन्न हो गए और स्वीकृति में अपना सिर हिलाया और बोले-“ठीक है।”


गोनू झा ने कहना शुरू किया , “मेरे दादा के पास एक घोड़ा था । दस गज ऊँचा घोड़ा! मेरे दादा के गाँव में एकमात्र ऐसी जगह थी जहाँ यह घोड़ा बाँधा जा सकता था ।” इतना कहने पर गोनू झा चुप हो गए तब दोनों मित्रों ने उत्सुकता दिखाई और पूछा-“कौन-सी जगह थी वह ?"




"वह जगह थी गाँव के तीन सौ साल पुराने वट-वृक्ष की छतनार डालियों के नीचे क्योंकि हमारे इलाके में आम घरों की ऊँचाई दो गज होती थी और पेड़ आदि भी , बहुत हुए तो तीन-चार गज ऊँचे- बस ! और घोड़ा दस गज का !"


“किस्सागोई में माहिर गोनू झा अपने चेहरे के हाव-भाव के साथ अपने कहने के अन्दाज में भी उतार- चढ़ाव लाते थे जिसके कारण सभी मुग्ध भाव से उनकी कहानी सुन रहे थे ।


"... कुछ दिनों में ही घोड़े के शरीर पर एक वट वृक्ष पैदा हो गया । घोड़े की पीठ पर उगे वट वृक्ष की डालें तीन-चार मील तक आकाश में फैल गईं। मेरे दादा जी ने उन डालों पर बाँस की चचड़ी बनवाई मजबूत चचड़ी पर दस फीट मिट्टी डलवा दी इस तरह दादाजी ने घोड़े की पीठ पर उगे वट वृक्ष को तीन मील लम्बे और तीन मील चौड़े समतल भूतल के रूप में बदल लिया और वे उस पर खेती करने लगे। सिंचाई की आकाशी व्यवस्था थी । मतलब कि जहाँ कहीं भी पानी बरसता , दादा जी घोड़े को वहाँ ले जाते घोड़े के साथ-साथ खेत भी वर्षा वाले स्थान पर पहुँच जाता और खेत में लगी फसलों की सिंचाई हो जाती ।...


इतना कहकर गोनू झा चुप हो गए और सुर्ती निकालकर अपनी हथेली पर अँगूठे से रगड़ने लगे । सभी युवक उनकी इस अजीबो -गरीब कहानी दिलचस्पी से सुन रहे थे। उन्हें चुप देखकर वे पूछने लगे -"फिर क्या हुआ मामा जी ?"


गोनू झा ने सुर्ती अपने होंठों में दबाते हुए कहा-“एक बार दादाजी के राज्य में भयानक सूखा पड़ा । खेत में बीज ठरप गए... दूर-दूर तक हरियाली झुलस गई । पेड़ ठूँठ बन गए। लोग त्राहि-त्राहि करने लगे लेकिन घोड़े की पीठ पर उगे वट -वृक्ष पर बने खेत की फसलें लहलहा रही थीं । जहाँ कहीं भी बरसात होती, दादाजी घोड़े की पीठ पर सवार होकर घोड़े को वहाँ ले जाते ! सारे राज्य में अनाज-भंडार रिक्त हो गए लेकिन हमारे दादाजी का अनाज भंडार अनाज से ठसाठस भरा हुआ था ।


“... सूखे के कारण जो तबाही पैदा हुई थी उससे नगर-सेठ के दादा और दीवान जी के दादा भी प्रभावित हुए थे। एक दिन वे दोनों मेरे दादाजी के पास आकर रोने लगे... और बताने लगे कि उनका परिवार अनाज के अभाव में भूखों मर रहा है । उनका रुदन सुनकर मेरे दादाजी को दया आ गई और उन्होंने दीवान के दादा को एक हजार मन गेहूँ, एक हजार मन चावल और पाँच सौ मन दाल देकर उसका कागज बनवा लिया कि जब उनके पास इतना अनाज हो जाएगा तब वे मेरे दादाजी को वह अनाज वापस कर देंगे । मेरे दादाजी ने नगर-सेठ के दादाजी को भी इतना ही अनाज दिया और उसके दस्तावेज बनाकर उनसे अँगूठे का निशान लगवा लिया कि जब उन्हें उनका अनाज वापस मिल जाएगा तब वे दस्तावेज नष्ट कर देंगे। तब से हमारी दो पीढ़ी गुजर गई और अब वह दस्तावेज मेरे पास आया है-नगर-सेठ और दीवान ने अब तक हमारे दादा जी का अनाज वापस नहीं किया है।"


दीवान और नगर-सेठ के पुत्रों ने जब गोनू झा की कथा सुनी तो वे युवराज की तरफ देखते हुए बोले-“कसम से ! यह आदमी झूठा है । ऐसा कभी नहीं हुआ ...भला दस गज का भी घोड़ा हो सकता है ... ? कपोल- कल्पित बातें कहकर तुम्हारे मामा हमारा अपमान कर रहे हैं ...।"



गोनू झा हँस पड़े -” यदि मेरी बातें झूठ हैं तो निकालो दो-दो सौ स्वर्ण-मुद्राएँ, नहीं तो मैं निकालता हूँ तुम्हारे दादाजी के दस्तावेज !"


दोनों झेंप गए! वे शर्त हार चुके थे। दो-दो सौ स्वर्ण- मुद्राएँ देना उनके वश की बात नहीं थी इसलिए दोनों ही युवराज के सामने गिड़गिड़ाने लगे! युवराज का दिल भी अपने मित्रों की बेबसी पर पिघल गया और उसने गोनू झा से कहा-“जाने दीजिए मामा जी !"


गोनू झा ने मुस्कुराते हुए कहा “जाने तो दूंगा युवराज, यदि ये दोनों आपकी स्वर्ण- मुद्राएँ लौटा दें और यह संकल्प लें कि भविष्य में इस तरह की शर्तें वे किसी के साथ भी नहीं लगाएँगे-तब ।”


नगर-सेठ और दीवान के पुत्र ने युवराज से जीती गई रकम युवराज को लौटा दी और गोनू झा के सामने हाथ जोड़कर बोले-“मामाजी , अब कभी हम इस तरह की शर्तें नहीं लगाएँगे... हमें क्षमा करें । हम आपको वचन देते हैं कि भविष्य में धन-प्राप्ति के लिए उचित मार्ग ही तलाशेंगे । इसके लिए शर्त लगाने या जुआ खेलने की कल्पना भी नहीं करेंगे ।"


उनकी बात सुनकर गोनू झा खुश हुए और तीनों युवकों को मिठाई की दुकान में ले जाकर अपनी ओर से जी भरकर मिठाई खिलाई और खुद भी जी भर के मिठाइयाँ खाईं । फिर वे लोग अपने घर वापस आ गए ।






Saturday, February 24, 2024

पंडिताइन का सहारा (कहानी) : गोनू झा

 जब कोई साधारण व्यक्ति असाधारण सफलता अर्जित कर लेता है तब एक ओर तो उसके प्रशंसकों की बाढ़-सी आ जाती है तो दूसरी तरफ उससे ईष्या करने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है ।


गोनू झा जब मिथिला नरेश के दरबार के विदूषक नियुक्त हुए तब आम दरबारियों को यह अनुमान भी नहीं था कि मिथिला नरेश गोनू झा से इतना प्रभावित हो जाएँगे कि वे प्रत्येक समस्या पर उनसे सलाह -मशविरा करने लगेंगे। कुछ ही दिनों में गोनू झा ने अपनी मेधा के बूते महाराज के हृदय में अपना स्थान बना लिया और सारे समय में उनकी राय हर मुश्किल की दवा बनने लगी । एक तरह से गोनू झा सभी दरबारियों पर भारी पड़ने लगे जिससे दरबारी उनसे जलने लगे और हमेशा ऐसे अवसर की तलाश में रहने लगे कि कोई मौका मिले तो वे गोनू झा को महाराज की नजरों से गिरा दें ।


एक बार की बात है-मिथिला नरेश बीमार पड़े । उनकी चिकित्सा होती रही, लेकिन बीमारी ठीक होने में वक्त लगा । महाराज बहुत कमजोर और दुबले हो गए। अधिक देर तक बैठने से वे थक जाते । दरबार में वे आते तो थोड़ी देर बैठते , महामंत्री को कुछ निर्देश देते , फिर आराम करने महल में चले जाते ।


एक दिन गोनू से बैर रखने वाले दरबारियों ने आपस में मंत्रणा की कि महाराज अभी स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं । उनकी स्मरणशक्ति लम्बी बीमारी से क्षीण हो गई है । सामयिक बुद्धि भी मलिन पड़ गई है । महाराज अपनी बीमारी के कारण थोड़ा वहमी भी हो गए हैं । ऐसे में यदि महाराज को कोई ऐसा सुझाव दिया जाए जिसे पूरा करना टेढ़ी खीर हो , आसान तो कतई नहीं हो और किसी तरह वह मुश्किल-सा काम गोनू झा के मत्थे मढ़वा दिया जाए तो समझो कि गोनू झा की मिट्टी पलीद होनी ही है ।


इस तरह गोनू झा के विरुद्ध षड्यंत्र का बीजारोपण हो गया । धूर्त दरबारियों ने आपस में विचार किया कि महाराज से कहा जाए कि यदि वे प्रतिदिन शेर का एक गिलास दूध पीएँ तो शीघ्र हट्टे- कट्टे हो जाएंगे । जब एक दरबारी महाराज को यह सुझाव दे, तो दूसरे दरबारी उसकी हाँ में हाँ मिलाएँ। और जब महाराज इस सुझाव से प्रभावित हो जाएँ तो उनसे कहा जाए कि शेर के दूध का इंतजाम इस दरबार में केवल गोनू झा ही कर सकते हैं क्योंकि पूरे दरबार में उन जैसी सूझ-बूझ वाला व्यक्ति कोई नहीं है ।


दूसरे ही दिन जब महाराज दरबार में आए तब मंत्रणा के अनुरूप दरबारियों ने अपनी तिकड़मी योजना को अमल में लाना शुरू कर दिया । महाराज अपने आसन पर बैठे ही थे कि एक दरबारी ने अपने आसन से उठकर कहा-“महाराज, आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें , दवा -दारू ठीक से कराएँ... क्षमा करें महाराज! मैं छोटी मुँह बड़ी बात कर रहा हूँ ! मगर क्या करूँ , आपकी यह हालत मुझसे देखी नहीं जाती । आप दिनोदिन कमजोर होते जा रहे हैं ।"



उसका बोलना बन्द हुआ तो दूसरे दरबारी ने कहा-“माफ करें महाराज ! हमारे बंधु ने ठीक ही कहा है। मैं रोज सोचता था कि आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए कहूँ , मगर साहस नहीं कर पाता था । इधर मैं आपको जब भी देखता हूँ तो तरह-तरह की आशंकाएँ मन में आने लगती हैं । परमपिता परमात्मा आपको हर व्याधि से मुक्ति दिलाएँ! मगर महाराज ! क्या आपने ध्यान नहीं दिया कि इधर आपका चेहरा लगातार पीला पड़ता जा रहा है ?"


इसके बाद तीसरा दरबारी खड़ा हुआ और बोलने लगा-“महाराज ! आप प्रजा-पालक हैं । हमारे पालनहार हैं । मिथिला की आत्मा हैं । यदि आपको कुछ हो गया तो पूरी मिथिला अनाथ हो जाएगी ।” फिर उसने दरबारियों से ऊँची आवाज में कहा -"भाइयो , यदि आप में से कोई अच्छी सेहत पाने का कोई नुस्खा जानता हो तो वह महाराज को अवश्य बताएँ।"


संयोग की बात थी कि उस दिन गोनू झा तब तक दरबार में नहीं पहुँचे थे जिसके कारण दरबारियों को अपना जाल फैलाना आसान हो गया था ।


तीसरे दरबारी का आह्वान सुनने के बाद थोड़ी देर तक दरबार में सन्नाटा-सा छाया रहा ।


सब को चुप देखकर महाराज ने स्वयं कहा -"बताइए ! आप लोगों के पास कोई जानकारी हो तो आवश्य बताइए!”


तब दरबार का सबसे स्वस्थ कारिंदा बोला -"महाराज , मैं भी एक बार बहुत बीमार हो गया था । वैद्य की चिकित्सा का मेरे रोग पर कोई असर नहीं हुआ तब मेरे शिकारी मामा ने मेरे लिए शेर के दूध की व्यवस्था की । बाघ का मांस घिसकर शेर के दूध में सुबह- शाम चटाया गया जिससे मैं फिर से सेहतमंद हो गया ।"


महाराज में एक अजीब- सी उत्सुकता पैदा हो गई । उन्होंने पूछा – “मगर शेर का दूध और बाघ का मांस आएगा कहाँ से ?"


तभी एक दरबारी ने कहा-“महाराज! यह काम तो कोई सूझ-बूझवाला आदमी ही कर सकता है ।"


दूसरे ने कहा -" दरबार में गोनू झा से अधिक सूझ-बूझ वाला व्यक्ति और कोई नहीं है।


महाराज को भी यह बात ठीक लगी। वे गोनू झा की प्रतीक्षा करने लगे ।


गोन झा जैसे ही दरबार में आए, वैसे ही महाराज ने उन्हें आज्ञा दी – “पंडित जी , मेरे लिए प्रतिदिन एक गिलास शेर के दूध की व्यवस्था करें और हो सके तो थोड़े से बाघ के मांस की भी ।"


गोनू झा अचरज में पड़ गए और कुछ कहना चाहा मगर महाराज ने उन्हें कहा-“अगर मगर कुछ भी नहीं, यह व्यवस्था आपको करनी ही पड़ेगी ।"


गोनू झा चुप रह गए । कहते भी क्या ? दरबार से लौटकर घर आए तो अनमने से रहे । पंडिताइन ने उन्हें चिन्तित देखकर पूछा कि आखिर बात क्या है, तो उन्होंने पूरी बात बता दी । पंडिताइन ने उन्हें कहा कि वे चिन्तित नहीं हों । सामान्य रहें । आज रात में ही वह खुद इस समस्या का निदान कर देगी । गोनू झा ने पूछा भी कि मगर कैसे ? तो पंडिताइन ने उन्हें कहा कि इसकी चिन्ता वे नहीं करें कि कैसे, बस कल से प्रसन्नचित्त होकर समय पर दरबार जाएँ । इसके बाद गोनू झा को भोजन करा लेने के बाद पंडिताइन एक थापी और गंदे कपड़ों की एक पोटली लेकर महाराज के सरोवर पर पहुँच गई। महाराज के कमरे के निकट पड़ने वाले सरोवर के पाट पर बैठकर वह जोर-जोर से कपड़ा थापी से पीटने लगी । थापी की आवाज से महाराज की नींद खुल गई और उन्होंने पंडिताइन को पकड़वाकर अपने पास बुलवा लिया । पंडिताइन को देख महाराज अचरज में पड़ गए और पूछा -" क्या बात है ? इतनी रात को आप राज-सरोवर में कपड़ा धो रही हैं ?"




पंडिताइन ने जवाब दिया” महाराज! दरबार से लौटते ही पंडित जी ने एक बच्चा जना है । उनकी तीमारदारी के बाद गंदे कपड़े धोने इस समय यहाँ आ गईं।"


महाराज चकराए "अरे! क्या बोल रही हैं आप ? मर्द भी कहीं बच्चा देता है? असम्भव ।"


तपाक से पंडिताइन ने कहा -" जब शेर दूध दे सकता है, तो मर्द बच्चा क्यों नहीं पैदा कर सकता ?"


पंडिताइन की बात सुनकर महाराज लज्जित हुए ।


दूसरे दिन दरबार में उन दरबारियों की शामत आ गई जिन्होंने शेर के दूध की सलाह दी थी । उनकी हालत देखकर गोनू झा मन ही मन हँस रहे थे।

Friday, February 23, 2024

Haryana Budget: किसानों के कर्ज का ब्याज माफ, , सीएम की बड़ी घोषणाएं

 इन जिलों में नई हवाई पट्टिया विकसित की जाएंगी

गुरुग्राम में हेली-हब/हेली-पोर्ट शुरू किया जाएगा। आठ जिलों नामतः जींद, झज्जर, कैथल, पलवल, यमुनानगर रोहतक, कुरुक्षेत्र और सोनीपत में स्थायी हेलीपैड के निर्माण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया जा रहा है।


नूंह, यमुनानगर और रोहतक जिलों में उचित स्थानों पर नई हवाई पट्टिया विकसित की जाएंगी। ई-भूमि के माध्यम से भूमि की पहचान और उस खरीद की प्रक्रिया वर्ष 2024-25 में शुरू की जाएगी।

12:51 PM, 23-FEB-2024

कुल 450 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा

हरियाणा सिटी बस सेवा निगम लिमिटेड के माध्यम से हाल ही में पानीपत और यमुनानगर में एसी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो चुकी है और करनाल व पंचकूला में मार्च, 2024 के मध्य में शुरू हो जाएंगी। शेष पाच शहरों में जून, 2024 तक सिटी बस सेवाएं शुरू होने की संभावना है। इसके लिए कुल 450 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।


ई-रिक्शा विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डीजल रिक्शा की तुलना में कम लागत वाला परिवहन विकल्प है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण पर बढ़ती चिता और ई-रिक्शा मालिकों की मांग पर ई-रिक्शा के लिए वार्षिक शुल्क की बजाय एक ही बार शुल्क लगाया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।

12:49 PM, 23-FEB-2024

लड़कियों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर की योजना

सीएम ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभार्थी परिवारों की संख्या दिसंबर 2022 में 26 लाख थी, जो अब बढ़कर 44 लाख से अधिक हुई है। निर्माण श्रमिकों की बेटियों को उच्चतर शिक्षा दिलाने के लिए 50,000 रुपए वित्तीय सहायता या इलेक्ट्रिक स्कूटर की वास्तविक एक्स-शोरूम कीमत, जो भी कम हो, उस पर इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।


एक नई योजना शुरू करने का प्रस्ताव, जिसमें गिग-वर्कर को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए बिना किसी ब्याज के क्रेडिट गारंटी के साथ 45,000 रुपए की राशि या इलेक्ट्रिक स्कूटर की वास्तविक एक्स शोरूम कीमत, जो भी कम हो, के लिए ऋण के साथ 5,000 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी।






महिला स्वयं सहायता समूहों को एक-एक ड्रोन देने का प्रस्ताव

सीएम ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान 500 महिला स्वयं सहायता समूहों की 5000 बहनों को ड्रोन संचालन व रखरखाव के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें प्रति समूह एक-एक ड्रोन देने का प्रस्ताव किया गया है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत, 58,797 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया, दो लाख महिलाओं को उच्च आय स्तर पर लाकर उन्हें लखपति दीदी बनाने का प्रस्ताव किया गया है।


सरकार द्वारा राशन की उचित मूल्य की दुकानों में महिला आवेदकों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया, इसमें एसिड हमले की शिकार महिलाओं और विधवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में महिला एवं बाल विकास क्षेत्र के लिए 1938.74 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव, जोकि चालू वर्ष के 1592.85 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमानों की तुलना में 21.71 प्रतिशत ज्यादा है।

12:27 PM, 23-FEB-2024

शहीद के परिवार को एक करोड़ मिलेंगे

सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों के लिए दी जा रही 50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए किया जाएगा। शहीद सैनिक चाहे वे किसी भी रक्षा सेवा या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के हों।

सशस्त्र बलों में और अधिक अधिकारियों और जवानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हरियाणा के निवासियों को रक्षा और अर्धसैनिक सेवाओं में सेवा के लिए तैयार करने के लिए राज्य में 3 सशस्त्र बल तैयारी संस्थान स्थापित किए जाएंगे।


12:21 PM, 23-FEB-2024

यमुनानगर में 800 मेगावाट के अर्मल पावर प्लांट का निर्माण करने की घोषणा

सीएम ने कहा वर्ष 2023-24 में यमुनानगर में 800 मेगावाट के अर्मल पावर प्लांट का निर्माण करने की घोषणा की गई थी। 6,000 करोड़ रुपगे की लागत से इसके निर्माण का टेंडर हाल ही में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को दिया गया है।

ओडिशा में स्थापित होने वाले प्रस्तावित पिट-हेड धर्मल पावर प्लांट से 800 मेगावाट बिजली की खरीद के लिए हरियाणा पावर खरीद केंद्र द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम महानदी बेसिन पावर लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं।

सबसे गरीब लोगों को राहत देने के लिए 2 किलोवाट तक घरेलु कनेक्टेड लोड वाले टैरिफ श्रेणी-1 के उपभोक्ताओं के लिए एम.एम.सी. को खत्म किया है। इस कदम से सबसे गरीब परिवारों को लगभग 180 करोड रुपये की राहत मिलेगी।

गांवों की फिरनियों से 3 किलोमीटर की दूरी तक स्थित डेरों और ढाणियों में बिजली कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। आवेदक से गांव की फिरनी से 300 मीटर तक कनेक्शन सेवा शुल्क वसूल किया जाएगा, जबकि पहले 150 मीटर का प्रावधान था और बुनियादी ढांचे की लागत डिस्कॉम द्वारा वहन की जाएगी।

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PMKUSUM) के तहत वर्ष 2024-25 में 70,000 अतिरिक्त सौर पंप स्थापित करने का लक्ष्य है।





सीएम के बजट की अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाईजी) के तहत 29,404 मकानों के कुल लक्ष्य के विरूद्ध 28,250 मकान पूरे हो चुके हैं और 1154 मकान निर्माणाधीन

वर्ष 2023-24 के दौरान 692 खिलाड़ियों को 92 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए, खेलो इंडिया पैरा गेम्स-2023 में हरियाणा के 183 खिलाड़ियों ने 105 पदक जीत कर प्रदेश को प्रथम स्थान दिलवाया।

वित्त वर्ष 2024-25 में 400 नई खेल नर्सरी स्थापित करने का प्रस्ताव, वर्ष 2024-25 में मुक्केबाजी और कुश्ती में दो उच्च प्रदर्शन केंद्र क्रमशः पानीपत और सोनीपत में स्थापित होंगे।

पेरिस ओलंपिक 2024 में शामिल स्पीड क्लाइंबिंग के लिए राज्य में 6 स्थानों करनाल, भिवानी, हिसार, फरीदाबाद, नारनौल और पंचकुला में सुविधाएं दी जाएंगी।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खेल क्षेत्र को 578.18 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव, जो चालू वर्ष के 432.01 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों की तुलना में 33.84 प्रतिशत ज्यादा 

निपुण हरियाणा मिशन प्रदेश में ग्रेड 3 स्तर पर लागू किया गया, 2024-25 से इसमें ग्रेड 4 और 5 को शामिल कर के इसका विस्तार करने का प्रस्ताव

उड्डयन के लिए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय सेे सम्बधित उड्डयन महाविद्यालय सभी तत्वों के साथ उच्च शिक्षा के लिए हिसार में स्थापित करने का प्रस्ताव 

सभी सरकारी आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ई-लाइब्रेरी स्थापित होगी, इसके लिए प्रत्येक खण्ड में ऐसे हर स्कूल को एक बार 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

मुफ्त छात्र परिवहन सुरक्षा योजना का विस्तार प्रत्येक जिले के हर खण्ड तक किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए शिक्षा क्षेत्र को 21,187.46 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव, जो चालू वर्ष के 18,344.29 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों की तुलना में 15.49 प्रतिशत ज्यादा 

निरोगी हरियाणा योजना के तहत 20 फरवरी, 2024 तक अंत्योदय परिवारों के 46.30 लाख लाभार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की गई और 2.56 करोड़ लैब टैस्ट किए गए। 

चिरायु-आयुष्मान भारत योजना का लाभ 3 लाख से 6 लाख रुपये की वार्षिक आय वर्ग वाले लोग 4000 रुपये के वार्षिक योगदान का भुगतान करके और 6 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय वर्ग वाले लोग 5000 रुपये के वार्षिक योगदान का भुगतान करके ले सकेंगे। 

पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक में शीघ्र ही लीवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।




45 लाख से अधिक परिवार आयुष्मान भारत के लाभार्थी-सीएम

सीएम ने बताया कि 45 लाख से अधिक परिवार आयुष्मान भारत के लाभार्थी, 1.11 करोड़ आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2022-23 में 2.67 लाख लाभार्थियों को 385 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। वर्ष 2023-24 में अब तक 5.21 लाख से अधिक व्यक्तियों को 765 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

12:06 PM, 23-FEB-2024

गरीब लोगों के घरों की छतों पर रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए

सूर्योदय योजना के तहत मध्यम वर्ग और गरीब लोगों के घरों की छतों पर रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा 2 किलोवॉट के पैनल के लिए 60,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। एक लाख गरीब परिवार, जिनकी औसत मासिक बिजली खपत 200 यूनिट तक है और जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए तक, के लिए 50,000 रुपए तक की अतिरिक्त सहायता योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है।


एक हजार हर हित स्टोर खुलेंगे

सीएम ने बताया कि हरियाणा कृषि उद्योग निगम द्वारा हर-हित स्टोर नामक खुदरा दुकानों के रूप में एक अनूठी पहल की गई है। हरियाणा भर में हर-हित स्टोर्स के माध्यम से कुल लगभग 435 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित हुआ है। वर्ष 2024-25 में अतिरिक्त 1000 हर-हित स्टोर खोलने का प्रस्ताव किया गया है।

12:01 PM, 23-FEB-2024

वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में संशोधन करने का प्रस्ताव

सीएम ने बताया वर्ष 2013-14 में सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लिए 1753 करोड़ रुपए खर्च किए गए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 10,97 करोड़ रुपए प्रक्षेपित है, जो कुल बजट परिव्यय का 5.78% है। पेंशनभोगियों को लाभ प्रदान करने के लिए वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है।

12:00 PM, 23-FEB-2024

दिव्यांग बच्चों के लिए 7 स्कूलों की प्रक्रिया शुरू- सीएम

सीएम ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार द्वारा संचालित 7 स्कूलों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। अंबाला में बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक आजीवन देखभाल गृह भी निर्माणाधीन है। दयालु योजना के तहत वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक 8,087 लाभार्थी परिवारों को 310 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।



ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे

सीएम ने बताया कि पैक्स से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे और सहकारी आंदोलन को फलने-फूलने के लिए मंच मिलेगा। 30 सितंबर 2023 तक लिए गए फसली ऋण पर 31 मई, 2024 तक मूलधन का भुगतान करने पर की ब्याज व जुर्माने की माफी करने की घोषणा की गई है। बशर्ते किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत हों।


हैफेड ने निर्यात बाजार में सफलतापूर्वक प्रवेश किया है। वर्ष 2023-24 में 126 करोड़ रुपए मूल्य के 13,700 मीट्रिक टन बासमती चावल के निर्यात ऑर्डर मिले हैं। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप, रोहतक में मेगा फूड पार्क स्थापित किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों और सहकारिता के लिए 7,570.77 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है, जो चालू वर्ष के 5,449.26 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमानों की तुलना में 38.9 प्रतिशत वृद्धि की है।


सीएम ने बताया कि बजट में 8 नए राजकीय पशु अस्पताल और 18 नए राजकीय पशु औषधालय खोलने का प्रस्ताव किया गया है। सरकार ने 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के लिए किया अनुबंध, सेवाएं शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है। वर्ष 2024-25 में 500 नए सी.एम.-पैक्स स्थापित करने प्रस्ताव बजट किया गया है।

 

11:46 AM, 23-FEB-2024

शहरी विकास की ये घोषणाएं

नियमित की गई कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए वर्ष 2024-25 में हरियाणा शहरी विकास निधि से 1000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। 




पीएम-स्वामित्व योजना की तर्ज पर, नगर पालिकाओं में शामिल किए गए गांवों की आबादी देह में संपत्तियों के मालिकों को संपत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए शहरी-स्वामित्व योजना शुरू की जाएगी। इससे संपत्तियों के मालिक पीएम-स्वामित्व के तहत ग्राम पंचायतों के आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्तियों के मालिकों को मिलने वाले लाभ के समान लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा अगले 15 दिनों में नीति अधिसूचित कर दी जाएगी।

शहरी क्षेत्रों में विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए, सरकार दिव्य नगर योजना के तहत राज्य के सभी बड़े शहरों में 500 से 1000 व्यक्तियों की क्षमता वाले सभागारों का निर्माण करेगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद में दो-दो और अन्य सभी 9 नगर निगमों तथा 12 नगर परिषदों के जिला मुख्यालयों पर एक-एक सभागार बनाए जाएंगे। 

11:44 AM, 23-FEB-2024

पंचायती राज संस्थाएं व ग्रामीण विकास के लिए घोषणाएं

सरकार ने 10,000 और उससे अधिक की आबादी वाले सभी महाग्रामों की ग्राम पंचायतों के लिए हॉपर टिपर डंपरों की खरीद शुरू कर दी है और इन्हें ड्राइवर-कम-वेस्ट कलेक्टर उपलब्ध करवा रही है।

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 11,254 से बढ़ाकर 18,580 करते हुए 7326 अतिरिक्त पद स्वीकृत किये गये हैं।

संग्रहण के बाद ठोस अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए 10,000 और उससे अधिक की आबादी वाले सभी महाग्रामों की ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन शेड का निर्माण किया जा रहा है।

वर्ष 2024-2025 में, अपशिष्ट प्रबंधन की संस्थागत प्रणाली का 7100 से ऊपर की आबादी की सभी ग्राम पंचायतों में विस्तार किया जाएगा, जिनके पास समुचित भूमि है।

11:37 AM, 23-FEB-2024

60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर

सीएम ने कहा कि मिशन 60,000 के तहत सरकार का आने वाले वर्षों में कम से कम 60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य लिया है।






फरवरी, 2024 में वन मित्र योजना शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 7500 कार्यकर्ताओं के माध्यम से गैर-वन भूमि पर वृक्षारोपण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। हर कार्यकर्ता 1000 पौधों के संरक्षक के रूप में कार्य करेगा, ताकि ये पौधे पेड़ों में विकसित हो सकें।


छह नई राजकीय आई.टी.आई. का निर्माण कार्य जिला फरीदाबाद के मोहना, सेक्टर-18, सिकरोना और तिगांव, जिला महेंद्रगढ़ के सेहलंग और सतनाली में पूरा हो चुका है।


वर्ष 2024-25 के दौरान 6 नए आई.टी.आई. सिरसा जिले के जीवन नगर, हिसार जिले के सिसाय, जींद जिले के पेगा, कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद और बसंतपुर और करनाल जिले के इंद्री का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है।


पिछले वर्ष मैंने घोषणा की थी कि सरकार बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से 200 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक वेंचर कैपिटल फंड की स्थापना करेगी, जो उन स्टार्ट-अप उद्यमियों को ऋण और इक्विटी के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी जो महिलाएं हैं या ऐसे परिवारों से आते हैं, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है या अनुसूचित जाति या पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं।


वेंचर कैपिटल फंड उन युवाओं को उद्यमी बनने में सहायता करेगा जहां परियोजना लागत 5 करोड़ रुपये तक है। यह योजना वित्त वर्ष 2024-25 में चालू हो जाएगी।


फरवरी, 2024 में ठेकेदार सक्षम युवा योजना शुरू की गई है। यह योजना पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों में 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के लिए ठेकेदारों के रूप में 10,000 युवाओं की पहचान और प्रशिक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई है।



Thursday, February 22, 2024

RPSC New Rules 2024 Exams राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 2024 से होने वाले सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं आपको बता दे कि यह सभी नियम आपको फॉलो करने होंगे अगर आप किसी भी प्रकार की परीक्षा देने जा रहे हैं तो आपको यह नियम जरूर पढ़ते हैं आपको बता दे की आरपीएससी ने नए नियमों की पूरी लिस्ट जारी की है जो आगामी आने वाली आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड और सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षाओं के लिए भी नियम लागू कर दिए जाएंगे ।

 राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली स्कूल व्याख्याता शिक्षक भर्ती परीक्षा 2024 और वरिष्ठ अध्यापक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2024 के लिए इसके अलावा होने वाली सभी प्रकार की भर्ती परीक्षाओं के लिए नए नियम लागू किए गए हैं यह सभी नियम सभी उम्मीदवारों को पढ़ने जरूरी है इन नियमों का पालन करते हुए ही आप परीक्षा देने जा सकते हैं इसलिए आपको यह नियम फॉलो करने होंगे नीचे आपको 10 नियम दिए गए हैं उनका ध्यान रखें और उनको फॉलो करें ।





दिनांक :- 20-02-2024।आयोग द्वारा सीधी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में लिये गये निम्न सुधारात्मक निर्णय जो कि विज्ञापन संख्या 15 /2023-24 दिनांक 14.02.2024 द्वारा जारी पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-II प्रतियोगी परीक्षा, 2024 से ही लागू होंगे –





अभ्यर्थी को वांछित शैक्षणिक अर्हता (शैक्षणिक योग्यता, अनुभव व आयु इत्यादि) होने पर ही Online आवेदन करना चाहिये तथापि आयोग द्वारा अभ्यर्थी को ऑनलाईन आवेदन पत्र की अनुमत संशोधन तिथि तक

ऑनलाईन आवेदन पत्र को प्रत्याहारित (Withdrawal) करने का विकल्प उपलब्ध होगा ।

असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अर्हता नहीं होने पर भी उसे प्रत्याहारित (Withdrawal) नहीं किया जाना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 182 के तहत् दण्डनीय अपराध है ऐसे अभ्यर्थी को कालान्तर में काउन्सलिंग / पात्रता जांच / साक्षात्कार के दौरान अपात्र किये जाने पर उन्हें आगामी एक वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से विवर्जित (Debar) किया जाएगा ।

ऑनलाईन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी के द्वारा सामान्य प्रविष्टियों के अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव

का इन्द्राज करने पर इसकी पुष्टि हेतु अभ्यर्थी के पंजीकृत मोबाईल नंबर पर OTP प्रेषित किया जायेगा जिसकी पुष्टि किये जाने पर ऑनलाईन आवेदन की शेष प्रविष्टियों का इन्द्राज कर सकेगा। ऑनलाईन आवेदन पत्र की सभी प्रविष्टियां भरने के पश्चात् इसकी पुष्टि हेतु अभ्यर्थी के पंजीकृत मोबाईल नंबर पर पुनः OTP प्रेषित किया जायेगा जिसकी पुष्टि किये जाने पर Application No. Generate होगा। Application No. Generate होने पर आवेदन पत्र को प्राप्त माना जायेगा। आवेदक को ऑनलाईन आवेदन करने के पश्चात् आवेदन पत्र क्रमांक आवश्यक रूप से प्राप्त होगा और यदि आवेदन पत्र क्रमांक (Application No.) अंकित या प्राप्त नहीं हुआ है, तो इसका अर्थ यह है कि उसका आवेदन पत्र जमा नहीं हुआ है। आवेदन पत्र के Preview को आवेदन Submit नहीं माना जायेगा ।

आयोग द्वारा प्रथम घोषित परीक्षा तिथि से 60 दिवस पूर्व 07 दिन के लिए ऑनलाईन ऐडिट हेतु विकल्प

खोला जायेगा जिसके अंतर्गत अभ्यर्थी के फोटो, नाम, पिता के नाम, जन्म तिथि व लिंग के अतिरिक्त अन्य

संशोधन किये जा सकते हैं ।

यदि किसी अभ्यर्थी / परीक्षार्थी को RPSC/UPSC / अन्य भर्ती संस्थानों के द्वारा किसी भी भर्ती / परीक्षा में

अनुचित साधनों के प्रयोग / उपयोग या अनुचित / अभद्र व्यवहार के लिये भविष्य की परीक्षाओं / साक्षात्कार आदि से विवर्जित (Debar) किया गया है तो उसे आयोग द्वारा आयोजित की जानी वाली परीक्षाओं / साक्षात्कार में RPSC/UPSC / अन्य भर्ती संस्थानों द्वारा निर्धारित अवधि के लिये अयोग्य माना जायेगा ।




विच्छिन्न विवाह / परित्यक्ता / तलाकशुदा श्रेणी की महिला अभ्यर्थी को ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि

तक सक्षम न्यायालय द्वारा पारित न्यायालय की डिक्री (DBSA No. 72/2022 में पारित निर्णयानुसार) प्रस्तुत

करने पर ही आरक्षण का लाभ प्रदान किया जायेगा ।

आयोग द्वारा जारी उत्तरकुंजियों पर अभ्यर्थी द्वारा आक्षेप लगाये जाने के उपरान्त आपत्ति सही पाये जाने पर अभ्यर्थी को आक्षेप शुल्क का पुनर्भुगतान किया जाएगा ।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु जारी विचारित सूची अनुसार काउंसलिंग कार्यक्रम / संवीक्षा परीक्षाओं के

परिणाम पश्चात् अभ्यर्थियों से विस्तृत आवेदन पत्र प्राप्त किये जाते हैं तथापि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा इस अवधि में विस्तृत आवेदन पत्र आयोग में प्रस्तुत नहीं किये जाते हैं। उक्त अवधि में विस्तृत आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को यह अवधि समाप्त होते ही अगले दिन / अविलम्ब व्यक्तिगत नोटिस जारी कर एक अवसर और दिया जायेगा । नोटिस जारी करने वाली तिथि को ही अभ्यर्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर SMS भिजवाया जायेगा एवं इस संबंध में संक्षिप्त सूचना दो प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित की जायेगी । अवसर दिये जाने की उक्त सूचना आयोग की वेबसाईट पर भी ऐसे अभ्यर्थियों की सूची के साथ विस्तृत रूप से प्रदर्शित की जायेगी एवं इस अवसर के पश्चात् भी उपस्थित नहीं होने पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जायेगी ।

उक्त अवसरों तक विस्तृत आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर चयन के लिये इच्छुक नहीं होने/अधिकारों का परित्याग मानते हुए अभ्यर्थी की अभ्यर्थिता पर कोई विचार नहीं करते हुए परिणाम हेतु विचारित नहीं किया जायेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी अभ्यर्थी स्वयं की होगी ।

अभ्यर्थी द्वारा आयोग की वेबसाईट पर उपलब्ध लिंक पर विस्तृत आवेदन पत्र शुल्क का ऑनलाईन भुगतान कर प्राप्ति रसीद की प्रति विस्तृत आवेदन पत्र के साथ करें ।






Haryana Van Mitra Yojana: हरियाणा सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार प्रदान करने के लिए एक नई योजना वन मित्र योजना की शुरुआत की गई है| इस योजना के तहत राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे| युवा द्वारा वन मित्र बनने पर पौधों की रखरखाव करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उसे मानदेय दिया जाएगा| हरियाणा सरकार ने इस योजना को लेकर वन मित्र पोर्टल की शुरुआत कर दी है| हम इस पोस्ट में जानेंगे किस तरह से आप वन मित्र योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं| पूरी जानकारी के लिए पोस्ट अंत तक पढ़ें|

 मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी खट्टर द्वारा 15 फरवरी 2024 को युवाओं को रोजगार अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से वन मित्र योजना की शुरुआत की गई| गैर वन भूमि पर वृक्षारोपण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा वन मित्र पोर्टल की शुरुआत कर दी गई है| राज्य के इच्छुक उम्मीदवार जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं वह इस वन मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं| राज्य का कोई भी सदस्य जिसकी सालाना आय 180000 रुपए कम है वह इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है| प्रत्येक वन मित्र को पौधे के रखरखाव के मुताबिक मानदेय दिया जाएगा|


Haryana Van Mitra Yojana 2024

योजना का नाम वन मित्र योजना

किसने शुरू की मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी खट्टर

लाभार्थी राज्य के नागरिक

उद्देश्य युवाओं को रोजगार अवसर प्रदान करना

योजना शुरू होने की तिथि 15 फरवरी 2024

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन

आधिकारिक वेबसाइट http://164.100.137.122/vanMitra



हरियाणा वन मित्र योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी खट्टर द्वारा गैरवान भूमि पर वृक्षारोपण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए वन मित्र योजना को शुरू किया गया है| इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है| इसलिए इस योजना को मिशन 60000 में शामिल किया गया है| इस योजना का उद्देश्य राज्य भर में वन क्षेत्र को बढ़ाने में स्थानीय आमजन को सीधे तौर पर शामिल करना है| वृक्षारोपण की उत्तरजीविता दर में वृद्धि सुनिश्चित करने और गैर वन भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है| प्रत्येक वन मित्र को पौधे के रखरखाव के मुताबिक मानदेय दिया जाएगा|



हरियाणा वन मित्र योजना मानदेय

हरियाणा वन मित्र बनने पर हरियाणा सरकार लाभार्थी को इस प्रकार से मानदेय देगी:



Yप्रथम वर्ष:


इस योजना के तहत पहले वर्ष में वन मित्रों को गड्डों की जियो टैगिंग एवं फोटोग्राफ मोबाइल ऐप पर अपलोड करनी होगी जिसे उन्हें प्रति खोदे गए गड्ढे पर ₹20 दिए जाएंगे|

इसके बाद वन मित्रों को लगाए गए पौधे पर ₹30 दिए जाएंगे|

अब वन मित्रों को वृक्षारोपण के रखरखाव और सुरक्षा के लिए ₹10 प्रति जीवित पौधे के हिसाब से दिए जाएंगे|

दूसरे वर्ष:


इस योजना के दूसरे वर्ष में प्रत्येक महीने ₹8 रूपए प्रति जीवित पौधा वन मित्रों को दिए जाएंगे|

तीसरे वर्ष:


इस योजना के तीसरे वर्ष में प्रत्येक महीने ₹5 प्रति जीवित पौधों के हिसाब से वन मित्रों को दिए जाएंगे|

चौथे वर्ष:


इसी प्रकार इस योजना के तहत तीसरे वर्ष प्रति महीने ₹3 प्रति जीवित पौधा वन मित्रों को दिया जाएंगे|




हरियाणा वन मित्र योजना लाभ एवं विशेषताएं

हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में युवाओं को रोजगार के अवसर और पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए वन मित्र योजना शुरू की गई|

वन मित्र योजना को मिशन 60000 में शामिल किया गया है|

प्रत्येक वन मित्र इस योजना के तहत अधिकतम 1000 पौधे लगा सकता है|

इस योजना के तहत प्रथम चरण में 7500 मित्रों का चयन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा|

18 से 60 वर्ष की आयु तक का कोई भी व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है|

इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक नागरिक को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा|

हरियाणा वन मित्र योजना के तहत पौधों की देखरेख के लिए सरकार द्वारा मानदेय दिया जाएगा|

वन मित्र द्वारा पौधे की देखभाल बीच में छोड़ देने के बाद उसे पौधे की देखभाल वन विभाग द्वारा की जाएगी|

हरियाणा वन मित्र योजना पात्रता

हरियाणा का मूल निवासी इस योजना का लाभ ले सकता है|

परिवार की सालाना आय 180000 रुपए या उससे कम होनी चाहिए|

आवेदक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए|



हरियाणा वन मित्र योजना दस्तावेज

परिवार पहचान पत्र

आधार कार्ड

आय प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण पत्र

पासपोर्ट साइज फोटो

मोबाइल नंबर

हरियाणा वन मित्र योजना आवेदन प्रक्रिया

सबसे पहले अधिकारिक वेबसाइट पर जाएं |

होम पेज पर वन पंजीकृत के आप्शन पे क्लिक करें|

अब फैमिली आईडी नंबर दर्ज करें|

अब आपके सामने परिवार के सभी सदयों के नाम आ जाएंगे|

जिस के नाम से फॉर्म भरना है उसका चयन करें|

अब SEND OTP के आप्शन पे क्लिक करें|

अब मांगी गई जानकारी दर्ज करें|

अब आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें|

अब सबमिट के आप्शन पे क्लिक कर दें|

इस प्रकार से आप वन मित्र योजना के लिए आवेदन कर सकते है|




FAQ

हरियाणा वन मित्र योजना की तहत कितना मानदेय मिलेगा?

वन मित्र को प्रति माह प्रति जीवित पौधे के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा|




iQOO Neo 9 Pro एक धांसू स्मार्टफोन है. इसमें Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर और 12GB तक रैम है. 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले. 50MP का कैमरा सिस्टम. इसकी कीमत ₹35,999 से शुरू होती है और यह दो रंगों में आता है कॉन्करर ब्लैक और फ़ाइरी रेड.

 iQOO Neo 9 Pro की कीमत और उपलब्धता:

8GB रैम + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत ₹37,999 से शुरू होती है.

12GB रैम + 256GB स्टोरेज विकल्प ₹39,999 में उपलब्ध है.

कॉन्करर ब्लैक और फ़ाइरी रेड रंगों में उपलब्ध है.

23 फरवरी, 2024 को दोपहर 12 बजे से अमेज़न और iQOO ई-स्टोर के माध्यम से बिक्री शुरू होगी.

प्री-बुक की गई यूनिट्स 22 फरवरी, 2024 को दोपहर 1 बजे से खरीद के लिए उपलब्ध हैं.

HDFC बैंक और ICICI बैंक ₹2,000 की छूट दे रहे हैं.

26 फरवरी 2024 तक अतिरिक्त ₹1,000 की छूट.


26 फरवरी 2024 तक अतिरिक्त ₹1,000 की छूट.

तीसरा 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वैरिएंट 21 मार्च, 2024 को लॉन्च होगा, जिसकी कीमत ₹35,999 है, लॉन्च ऑफर के साथ कीमत ₹2,000 कम हो जाएगी.




iQOO Neo 9 Pro स्पेसिफिकेशन:

प्रोसेसर: Qualcomm Snapdragon 8 जेन 2 चिपसेट से लैस, iQOO Neo 9 Pro टॉप टियर परफॉरमेंस का वादा करता है, जो डेली टास्क से लेकर इंटेंस गेमिंग सेशंस तक सब कुछ आसानी से संभालता है.


रैम और स्टोरेज: डिवाइस मल्टीटास्किंग के लिए 12GB तक रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज प्रदान करता है, जो ऐप्स, मीडिया और डाक्यूमेंट्स के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है. यह कॉन्फ़िगरेशन सुनिश्चित करता है कि यूजर्स के पास उनकी आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त मेमोरी और स्टोरेज है.




ऑपरेटिंग सिस्टम: एंड्रॉइड 14 आधारित FunTouch14 पर चलने वाला, iQOO Neo 9 प्रो एक मॉडर्न और यूजर फ्रेंडली इंटरफेस प्रदान करता है, साथ ही तीन साल के ओएस अपडेट और चार साल के सिक्योरिटी अपडेट के वादे के साथ आता है.


डिस्प्ले: इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.78-इंच LTPO AMOLED स्क्रीन है, जो गेमिंग के दौरान 144Hz तक जा सकती है. यह हाई-रिफ्रेश-रेट स्क्रीन सभी टाइप के कंटेंट के लिए एक फ्लूइड और क्रिस्प व्यूइंग एक्सपीरियंस का अनुभव प्रदान करती है.


कैमरा सेटअप: स्मार्टफोन में पीछे की तरफ एक डुअल-कैमरा सिस्टम है, जिसमें 50MPका प्राइमरी कैमरा है, जिसमें Sony IMX920 सेंसर और ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइज़ेशन (OIS) है, साथ ही 8MP का अल्ट्रावाइड-एंगल कैमरा भी है. हाई क्वालिटी वाली सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 16MP का फ्रंट कैमरा शामिल है.


कनेक्टिविटी: यह डिवाइस कई कनेक्टिविटी ओप्तिओंस के साथ आता है जैसे 5G, 4G एलटीई, वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 5.3, जीपीएस और एक यूएसबी टाइप-सी पोर्ट.


बायोमेट्रिक और सेंसर: सिक्योर और क्विक अनलॉकिंग के लिए ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ आता है. येह डिवाइस कई सारे सेंसर्स के साथ आता है जैसे की एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, ई-कंपास, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और जायरोस्कोप. जो कई प्रकार की कार्यक्षमताओं को पूरा करता है.


बैटरी और चार्जिंग: iQOO Neo 9 Pro 5,160mAh की बैटरी द्वारा संचालित है जो 120W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है, जो तेजी से चार्जिंग को सक्षम करती है जो डाउनटाइम को कम करती है.


ड्यूरेबिलिटी: डस्ट एंड स्प्लैश रेजिस्टेंस के लिए IP54 रेटिंग की सुविधा, यह सुनिश्चित करती है कि डिवाइस रोजमर्रा के छींटों और धूल के संपर्क का सामना कर सके.


डिज़ाइन और बिल्ड: स्मार्टफोन का स्लीक और एर्गोनोमिक डिज़ाइन है, जिसकी माप 163.53x75.68x8.34mm और वजन 190 ग्राम है. यह दो वाइब्रेंट रंगों में उपलब्ध है: कॉन्करर ब्लैक और फ़ाइरी रेड, जो यूजर्स को उनकी स्टाइल प्रेफरेंस के अनुसार चुनने की अनुमति देता है.


एडिशनल फीचर्स: विभिन्न उपकरणों को कंट्रोल करने के लिए एक इन्फ्रारेड ब्लास्टर शामिल है.





फोन में लेटेस्ट Qualcomm Snapdragon 8 Gen 2 मोबाइल प्रोसेसर दिया गया है। फोन 12GB रैम और 256GB स्टोरेज सपोर्ट में आता है। फोन एंड्रॉइड 14 बेस्ड Funtouch OS 14 आउट ऑफ द बॉक्स पर काम करता है। फोन में 6.78 इंच एलटीपीओ एमोलेड डिस्प्ले सपोर्ट दिया गया है। फोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया गया है। फोन 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर सपोर्ट दिया गया है। फोन Sony IMX920 सेंसर सपोर्ट के साथ आता है।





कीमत और उपलब्धता

iQoo Neo 9 Pro के तीन स्टोरेज ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। वही इसके 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 35,999 रुपये है। इसे 21 मार्च से खरीद पाएंगे। फोन के 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये है, जबकि 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 39,999 रुपये में आता है। इन दोनों वेरिएंट को 23 फरवरी 2024 से खरीदा जा सकेगा। फोन ब्लैक और फेयरी रेड कलर ऑप्शन में आएगा। फोन की प्री-बुकिंग दोपहर 1 बजे होगी। इसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन और आईक्यू स्टोर से खरीदा जा सकेगा। ग्राहक एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक कार्ड पर 2000 रुपये का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। साथ ही 4000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है



फोन के कलर्स और कीमत

इस फोन को दो कलर विकल्पों में लॉन्च किया गया है. एक विकल्प फीयरी रेड कलर में आता है, जिसका वज़न 190 ग्राम है और दूसरा विकल्प कॉनकोर ब्लैक कलर में आता है, जिसका वज़न 196 ग्राम का है.


8GB + 128GB वाले वेरिएंट कीमत 35,999 रुपये है.

8GB + 256GB वाले वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये है.

12GB + 256GB वाले वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है.

फोन की बिक्री और सभी ऑफर्स

इस फोन को 23 फरवरी की दोपहर 12 बजे से आइकू स्टोर और अमेज़न के प्लेटफॉर्म पर बेचा जाएगा. वहीं, इस फोन को यूज़र्स आज यानी 22 फरवरी की दोपहर 1 बजे से प्री-बुक भी कर सकते हैं.


कंपनी ने इस फोन पर लॉन्च ऑफर के रूप में 256जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट पर 26 फरवरी तक 1000 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट देने का फैसला किया है. इसके अलावा जो यूज़र्स ICICI और HDFC बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट करेंगे, उन्हें 2000 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट भी दिया जाएगा.


इसके अलावा आइकू और वीवो स्मार्टफोन के यूज़र्स 4000 रुपये का एक्सचेंज बोनस भी पा सकते हैं, जबकि बाकी कंपनी का स्मार्टफोन यूज़ करने वाले यूज़र्स 2000 रुपये का एक्सचेंज बोनस पा सकते हैं



Wednesday, February 21, 2024

Virat Kohli, Anushka Sharma: 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को बेटे के जन्म लेने पर खास बधाई दी है. विराट कोहली ने अपने इंस्टा हैंडल से बताया कि 15 फरवरी को उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया जिसका नाम 'अकाय' रखा गया है।

 विराट ने इस पोस्ट में लिखा, "हमें यह बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि 15 फरवरी को हमने अपने बेटे अकाय और वामिका के छोटे भाई का इस दुनिया में स्वागत किया है। हमने अपने जीवन के इस खूबसूरत समय में आपका आशीर्वाद और शुभकामनाएं चाहते हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें।" पूर्व भारतीय कप्तान की इस पोस्ट पर बधाईयों का तांता लग गया है। क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों ने कमेंट्स कर उन्हें शुभकामनाएं देना शुरु कर दिया है। 





2017 में अनुष्का से की शादी

विराट कोहली ने 2017 में अनुष्का शर्मा से शादी की थी। दोनों ने शादी से पहले एक-दूसरे को लंबे वक्त तक डेट किया था। 2021 में दोनों ने खूबसूरत बेटी को जन्म दिया। विराट और अनुष्का की बेटी का नाम वामिका है। विराट फिलहाल भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने निजी कारणों के चलते इस सीरीज से छुट्टी ली है। दिग्गज बल्लेबाज ने भारत के लिए 113 टेसट, 292 वनडे और 117 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने क्रमश: 8848, 13848 और 4037 रन बनाए हैं।




Virat Kohli, Anushka Sharma: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली दूसरी बार पिता बने हैं. उनकी वाइफ अनुष्का शर्मा ने बेटे को जन्म दिया. भारतीय क्रिकेटर ने मंगलवार (20 फरवरी) को सोशल मीडिया पर बेटे के जन्म की जानकारी दी. इसके बाद कोहली को बधाई देने वालों का तांता लग गया. इस बीच 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने खास अंदाज में विराट और अनुष्का को बधाई दी. 


सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "आपके खूबसूरत परिवार में एक अनमोल सदस्य अकाय के आने पर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को बधाई! जैसे उसका नाम कमरे को रोशन करता है, वैसे ही वह आपकी दुनिया को अंतहीन खुशी और हंसी से भर दे. यहां उन रोमांचों और यादों के बारे में बताया गया है जिन्हें आप हमेशा संजोकर रखेंगे. दुनिया में आपका स्वागत है, लिटिल चैम्प!"




विराट और अनुष्का ने सोशल मीडिया पर दी थी जानकारी


बता दें कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने अपने-अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर करते हुए लिखा था, "बहुत खुशी और हमारे प्यार से भरे दिलों के साथ, हमें बताते हुए खुशी हो रही है कि 15 फरवरी को हमने अपने बेबी बॉय 'अकाय' और वामिका के छोटे भाई का इस दुनिया में स्वागत किया." 


इंग्लैंड सीरीज़ से दूर हैं विराट 


भारतीय टीम इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेल रही है. सीरीज़ में विराट कोहली भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं. विराट ने निजी कारणों के चलते बीसीसीआई से छुट्टी मांगी थी. अब उनके निजी कारणों का खुलासा हो गया. 


गौरतलब है कि भारत-इंग्लैंड सीरीज़ के तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं. तीन मैच के बाद टीम इंडिया 2-1 से लीड कर रही है. अब चौथा मैच 23 फरवरी से रांची में खेला जाएगा. 





विराट और अनुष्का ने सोशल मीडिया पर दी थी जानकारी

बता दें कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने अपने-अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर करते हुए लिखा था, "बहुत खुशी और हमारे प्यार से भरे दिलों के साथ, हमें बताते हुए खुशी हो रही है कि 15 फरवरी को हमने अपने बेबी बॉय 'अकाय' और वामिका के छोटे भाई का इस दुनिया में स्वागत किया." 

इंग्लैंड सीरीज़ से दूर हैं विराट 

भारतीय टीम इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेल रही है. सीरीज़ में विराट कोहली भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं. विराट ने निजी कारणों के चलते बीसीसीआई से छुट्टी मांगी थी. अब उनके निजी कारणों का खुलासा हो गया. 

गौरतलब है कि भारत-इंग्लैंड सीरीज़ के तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं. तीन मैच के बाद टीम इंडिया 2-1 से लीड कर रही है. अब चौथा मैच 23 फरवरी से रांची में खेला जाएगा. 







"नमस्कार भाइयों और बहनों, मैं आपका दोस्त अमीन सयानी बोल रहा हूं..." अपने इस शानदार अंदाज और दमदार आवाज से लोगों को रेडियो का दीवाना बनाने वाले अमीन सयानी नहीं रहे। रजिल ने बताया कि निधन से पहले उनके पिता को हार्ट अटैक आया था।

 रेडियो की मशहूर आवाज रहे अमीन सयानी अब हमारे बीच में नहीं हैं। हार्ट अटैक की वजह से 91 साल की उम्र में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। सयानी के निधन की खबर को उनके बेटे रजिल सयानी ने कंफर्म किया है। जानकारी के मुताबिक अमीन सयानी को निधन से पहले मंगलवार (20 फरवरी) को हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत मुंबई के एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल मे ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।





सयानी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पिछले कई सालों से वो पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें चलने के लिए वॉकर का इस्तेमाल करना पड़ता था। अमीन सयानी अब हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा जीवंत रहेगी। भले ही मृत्यु को टालना हमारे बस की बात नहीं है, लेकिन यहां दिए कुछ स्वास्थ्य सुझावों की मदद से हम अपने दिल को हेल्दी रख सकते हैं, और हार्ट अटैक के कारण होने वाले मौत के खतरे को कम कर सकते हैं।




अमीन सयानी रेडियो के सबसे फेमस अनाउंस थे

रेडियो सिलोन और फिर विविध भारती पर‌ लगभग 42 सालों तक चलने वाला हिंदी गीतों का उनका कार्यक्रम 'बिनाका गीतमाला' ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़े थे और लोग हर हफ्ते उन्हें सुनने के लिए बेकरार रहा करते थे.'गीतमाला' के साथ अमीन भारत के पहले होस्ट गए थे जिन्होंने उभरते संगीत परिदृश्य के बारे में अपनी गहरी समझ को प्रदर्शित करते हुए एक कंप्लीट शो को क्यूरेट किया और प्रेजेंट किया था. शो की सक्सेस ने एक रेडियो वादक के रूप में सयानी की स्थिति को मजबूत कर दिया था.





अमीन सयानी के नाम कईं रिकॉर्ड दर्ज हैं

अमीन सयानी ने‌ नाम पर 54,000 से ज्यादा रेडियो कार्यक्रम प्रोड्यूस/कम्पेअर/ वॉयसओवर करने का रिकॉर्ड दर्ज है. लगभग 19,000 जिंगल्स के लिए आवाज़ देने‌ के लिए भी अमीन सयानी का नाम लिम्का बुक्स ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है.




उन्होंने भूत बंगला, तीन देवियां, कत्ल जैसी फिल्मों में अनाउंसर के तौर पर भी काम किया था.रेडियो पर सितारों पर आधारित उनका शो 'एस कुमार्स का फ़िल्मी मुकदमा' भी काफ़ी लोकप्रिय साबित हुआ था. कल दक्षिण मुम्बई में अमीन सयानी का अंतिम संस्कार होने की उम्मीद है..





कैसे हुआ अमीन सयानी का निधन

दिवंगत अमीन सयानी के बेटे ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि अमीन‌ सयानी को मंगलवार को उनके दक्षिण मुम्बई स्थित घर पर शाम 6.00 बजे आया हार्ट अटैक.हार्ट अटैक आने के बाद उनके बेटे राजील उन्हें फौरन दक्षिण मुम्बई स्थित एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल मे ले गये जहां पर इलाज करने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.


क्या थी अमीन सयानी को बीमारी

अमीन सयानी को हाई ब्लड प्रेशन और उम्र संबंधी अन्य बीमारियां थीं और पिछले 12 साल से पीठ दर्द‌ की भी शिकायत थी और यही वजह है कि उन्हें चलने‌ के लिए वॉकर‌ का इस्तेमाल करना पड़ता था.


Wednesday, February 14, 2024

Periodic Table learning best Tricks in hindi

 यदि रसायन विज्ञानं के सभी Periodic Table learning tricks को याद नहीं हो पा रहा है या यद् करने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है तो यहाँ पर हम पूरी periodic table को याद करने की ट्रिक यहां पर शेयर करने जा रहा हूँ।






रसायन विज्ञानं की सबसे महत्वपूर्ण पार्ट आवर्त सारणी (periodic table) में कुल 118 तत्व दर्शाये गए है। समय समय पर नए तत्वों को की खोज होती रहती है और पीरियाडिक टेबल में अपने स्थान पर रख दिए जाते है। अगर आप सोच रहे है की पूरी Periodic table को कैसे यद् करे तो अब आपको टेंसन लेने की जरूर नहीं है, हम यहाँ पर पूरी periodic table Trick से याद करने का तरीका बताने जा रहा हूँ जिसे आप आवर्त सरणी के सभी elements आसानी से याद कर सकते है। याद करने का सबसे सरल तरीका जब भी हम किसी चीज को याद करते है तो हमारा दिमाग उस चीज के बारे में पिक्चर बना लेता है जैसे अगर हम सेव बोलते है या सोचते है तो हमारे माइंड में लाल-लाल गोल सा पिक्चर की कल्पना कर लेता है। अगर हम सेव को तस्वीरों में या रियल में कभी देखा न हो तो हमारा माइंड सेव नाम के शब्द को कभी समझ ही नहीं पायेगा। अगर हम किसी चीज को रिलेट करके याद करते है काफी लम्बे समय तक याद रहता है इस technique को english में Mind Place कहते है।

Tricks to learn periodic table period and group wise in hindi

अब इस तकनीक से periodic table को कैसे याद करे उसको समझते है। S Block में Alkali Metal के तत्वों को याद कैसे करना है।

मान लो हलिना नाम की एक लड़की है जो रब (God) से अपने लिए फरियाद कर रही है यह सोचते ही आवर्त सरणी के सभी अल्कली मेटल आपके दिमाग में क्लिक होने लगेंगे। सभी को एक दो बार इसे अच्छे से समझ कर पढ़ना है।

Periodic Table को याद करने की ट्रिक्स



Periodic Table learning trick in Hindi

पीरियाडिक टेबल लर्निंग ट्रिक्स इन हिंदी

Group-1, S-Block (Alkali Metal)

 Trick- हलिना की रब से फरियाद (Halina ki rab Se Fariyad)

H ह

Li ली

Na ना

K की

Rb रब

Ca से

Fr फरियाद


Group-2 [S block] (Alkaline Earth Metal)

Trick- बेटा मागे कार स्कूटर बाप राजी

Be बेटा

Mg मागे

Ca कार

Sr स्कूटर

Ba बाप

Ra राजी


Group-13 [P block] (Boron Family)

Trick- बैगन आलू गाजर इन थैला

B बैगन

Al आलू

Ga गाजर

In इन

Tl थैला


Group-14 [P block] (Carbon Family)

Trick- कौन सी गीता स्नेहा प्रभा

C कौन

Si सी

Ge गीता

Sn स्नेहा

Pb प्रभा


Group-15 [P block]

Trick- ना पी एसे सबके बीच

N ना

P पी

As एसे

Sb सबके

Bi बीच


Group-16 [P block]

Trick- o style से टी पो

O

S

Se

Te

Po



Group- 17 [P block] ( Halogens)

Trick- फिर कल बाहर आई आंटी

F फिर

Cl कल

Br बाहर

I आई

At आंटी


Group-18 [P block] (Noble Gas)

Trick- हीना नीना और करीना एक्सरे रंगीन

He हीना

Ne नीना

Ar और

Kr करीना

Xe एक्सरे

Rn रंगीन


Period -4 (D Block) (Transition Metal)

Trick- साइंस टीचर विवेक सर मांगे फेयर कॉपी नहीं तो क्लास से जाओ

Sc

Ti

V

Cr

Mn

De

Co

Ni

Cu

Zn

Period- 5 (D block) (Transition Metal)

Trick- ये जिंदगी नहीं मोहब्बत तेरी रो रोकर पुकारेगी आज चांदनी

Y zr Nb Mo Tc Ru Rh Pd Ag Cd


Period-6 (D block) (Transition Metal)

Trick- La हफ्ता वरना रे उस आइरिस से पिटेगा और हॉस्पिटल जाएगा

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Trick- लड़ाई आर डी शर्मा की बुक में होते है मैथ डिफिकल्ट रीजनिंग क्वेश्चन

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Trick- ला से पर नदी का पानी समुंदर यूरोप गया टीवी डायरिया होगया हरे तुम्हे

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तो ये है Periodic Table learning Trick जिसे पढ़ कर आप कम समय के पूरा रसायन विज्ञान आवर्त सारणी याद कर सकते है।

Sunday, February 11, 2024

Kanpur Bithoor Mahotsav 2024: विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि, 'बिठूर के साथ-साथ आज पूरे देश मे महोत्सव का माहौल है। जब से अयोध्या में रामलला विराजमान हुए है। लोगों के दिलो में बिठूर के प्रति ऐसा ही उत्साह बना रहे।

 Kailash Kher Performance in Kanpur: बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर ने बिठूर महोत्सव-2024 में जबरदस्त परफॉर्मेंस दिया। उनके गाये गीतों पर श्रोता झूमने को मजबूर जो गए। कैलाश खेर ने 'पिया के रंग-रंग दी ओढ़नी', 'क्या कभी अम्बर से सूर्य बिछड़ता है, क्या कभी बिन बाती दीपक जलता है', 'कौन है वो कौन है वो, कहां से वो आया', 'तेरे नाम से जी लू, तेरे नाम से मर लू, तेरे नाम से सदके से ऐसा कुछ कर जाऊ', 'जय-जय जयकार, स्वामी देना साथ हमारा', 'तेरी दीवानी', 'बन-ठन के गोरा कहा चली', 'अल्लाह के बंदे हंस दे, जो भी होगा कल आएगा', 'बम-बम-बम लहरी' जैसे गीतों को गाकर शानदार प्रस्तुति दी। उनके मंच पर आते ही दर्शक ताली बजाने लगे। बम-बम-बम लहरी गाने ने दर्शकों में जोश भर दी।




बिठूर महोत्सव- 2024 में पहुंचे कई गणमान्य

कैलाश खेर ने ये प्रस्तुति बिठूर महोत्सव-2024 में दी। महोत्सव का आयोजन नाना राव स्मारक पार्क बिठूर में हो रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य मंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग यूपी सोमेंद्र तोमर, विधायक बिठूर अभिजीत सिंह सांगा, विधायक औरैया अजय प्रताप सिंह, एमएलसी विनीत सिंह,अध्यक्ष नगर पंचायत निर्मला सिंह, मंडलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह व मुख्य विकास अधिकारी सुधीर कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन कर शुभारम्भ किया गया। इसके पूर्व बिठूर पत्थर घाट में मां गंगा की आरती की गयी।




बिठूर का ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व


जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने अतिथियों के स्वागत संबोधन के बाद बिठूर महोत्सव के बारे में बताया। कानपुर का बिठूर महत्वपूर्ण स्थान और एक अलग पहचान रखता है। बिठूर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पौराणिक व धार्मिक का केंद्र है। मां गंगा के प्रति समर्पण की थीम के साथ भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।



ऊर्जा मंत्री बोले- आजादी की लड़ाई में बिठूर का विशेष योगदान


ऊर्जा मंत्री ने कहा, 'बिठूर महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सभी को बधाई। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा द्वारा यहां की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने और संस्कृति को बचाने के प्रयास जारी हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को एक नयी दिशा देने का काम करता है। उन्होंने कहा, 1857 की क्रांति व देश को आजाद कराने में बिठूर, मथुरा का विशेष योगदान रहा है। आज का आयोजन संस्कृति व संस्कार को बढ़ाने के लिए हो रहा है'।





ताकि बिठूर के प्रति उत्साह बना रहे


विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि, 'बिठूर के साथ-साथ आज पूरे देश मे महोत्सव का माहौल है। जब से अयोध्या में रामलला विराजमान हुए है। बिठूर महोत्सव का आयोजन इसीलिए किया जा रहा है कि लोगों के दिलो में बिठूर के प्रति ऐसा ही उत्साह बना रहे। और युवा बिठूर के ऐतिहासिक, धार्मिक व पौराणिक महत्व को जान सके तथा संस्कृति व संस्कार को आगे बढ़ा सकें।'





Khanapara TEER Result Today 11 February 2024, Shillong Teer, Juwai Teer, Assam Teer Results

 Khanapara Teer Result : The Khanapara Teer lottery is deeply woven into the cultural fabric of Assam, revealing its outcomes daily at both 4:10 PM and 4:45 PM. Originating from age-old archery customs, this distinctive occasion showcases two teams, each comprising 50 members, aiming at designated targets. The victorious numbers are deciphered based on the final two digits of arrows striking designated zones during each round.


Known as Assam Teer or Guwahati Teer, this game boasts a prestigious status among India’s teer games, alongside Shillong Teer and Juwai Teer. Each day, a considerable crowd engages eagerly in this teer event, participating and observing with enthusiasm. The management of shooting clubs and the betting procedures are overseen by the Khasi Hills. Skilled participants capable of accurately predicting numbers have the opportunity to win significant sums of money.


Khanapara Teer Result Today Live, 11 February 2024 :-

Associated with Khanapara Teer, the Teer Result presents a lottery-style game where ticket holders can try their fortune with numbers from both the first and second rounds. The outcome depends on the total number of arrows released in each round. In line with the guidelines set forth in the Meghalaya Amusement and Betting Tax Act, this teer lottery is officially recognized and functions under legal oversight.


Khanapara Teer Results Today 11 February 2024 :-

SHILLONG MORNING TEER RESULT

F/R (10:30) S/R (11:30)

xx xx

JUWAI TEER RESULT TODAY

F/R (1:50) S/R (2:40)

xx xx

SHILLONG TEER RESULT TODAY

F/R (3:40) S/R (4:40)

xx xx

KHANAPARA TEER RESULT TODAY

F/R (3:55) S/R (4:45)

xx xx

Khanapara Teer Result for Previous Day’s

The official website of this lottery game offers up-to-date results for both the ongoing live session and the previous day’s contests. Except on Sundays, the site updates the initial round outcomes at 4:10 PM and the subsequent round outcomes at 4:45 PM every day. Beyond providing real-time updates, the platform furnishes comprehensive details about the game, including its rules, historical context, frequently drawn numbers, past outcomes, and effective winning tactics.


For added convenience, we present the latest figures right here. Users can effortlessly browse through tabs on the website to view today’s outcomes and those from previous days. Moreover, visitors can choose to subscribe to email or SMS notifications for the most recent updates. Below, you’ll discover the recently announced winning numbers




Date FR (4:20 PM) SR (5:00 PM)

10 February 40 30

09 February 98 25

08 February 64 4

07 February 94 17

06 February 39 19



Guwahati Khanapara Teer Result Live

In Guwahati, Khanapara stands as a widely embraced activity, offering a glimpse into Meghalaya’s vibrant cultural tapestry. As the sun sets over this bustling urban hub, a global audience converges to witness the live spectacle. This captivating event unfolds daily, except on Sundays, as a homage to deep-rooted traditions. Success in this game relies on the combination of precise aiming and the capricious hand of luck when determining the winning number.


Woven into the vibrant fabric of the city’s heritage and traditions, the Guwahati game is overseen by the Khasi Hills Archery Sports Association. Merging age-old precision with an element of luck, contenders aim to forecast two numbers within the 00 to 99 range while skilled archers shoot arrows toward a distant target. The triumphant players remain undisclosed until the results are made public.


What is Khanapara Teer?

In the mesmerizing city of Guwahati, the beloved drawing game Khanapara Teer captivates enthusiasts. Success in this game hinges on making precise number predictions. To enhance your winning odds, here’s a foundational strategy to guide your approach.






Grasp the Basics of the Game

Every day, two games unfold at Khanapara Teer.


During the initial round, archers take aim and release arrows towards a target. Your task is to forecast the number of arrows that will accurately hit the target.


In the subsequent round, a higher volume of arrows is directed at the target, and your objective is to predict the quantity that will successfully hit it.


Place Your Wagers Today

Your wagering options range from 00 to 99.


Specify the amount you wish to bet and choose your preferred numbers. For instance, if you predict that 45 arrows will hit the target, you can place a wager on the number 45.




 the provided information to search the internet for outcomes and ascertain the number of arrows that hit the target in each round.


If your prediction proves correct, victory is yours! The amount you win is influenced by both your wager amount and the prevailing odds.


Gather Your Income

Collect your prize confidently at any authorized dealer or Teer counter.


Exercise caution when engaging in gambling, particularly when significant amounts of money are at stake. It’s crucial to have a thorough understanding of the game’s rules before investing substantial funds. Steer clear of high-risk tactics, prioritize making well-informed decisions, and opt for thoughtful consideration rather than acting impulsively.

Thursday, February 8, 2024

गोनू की बहादुरी (कहानी) : गोनू झा

 गोनू झा की शादी हुई । मिथिलांचल में ब्राह्मणों के विवाह का आनन्द ही कुछ और है । ऐसे भी रामायण काल से ही मिथिला को प्रेम की नगरी की संज्ञा दी जाती है । लोग मानते हैं कि वह पुष्प वाटिका यहीं थी जहाँ सहेलियों के झुंड में सीता सुन्दरी को भगवान राम ने पहली बार देखा था । मिथिला के किसी गाँव में विवाह हो और दूल्हा गाँव भर की किशोरियों की ठिठोली से बचा रह जाए , ऐसा हो ही नहीं सकता । आम तौर पर जमाई ( दामाद) को ससुराल में कम से कम सवा महीने तक रोकने की प्रथा वहाँ प्राचीन काल से ही चली आ रही है ।


गोनू झा को भी सिन्दूर-दान के बाद ससुराल में रोक लिया गया । ससुराल में उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इस बात का खासा खयाल रखा जाता। दिन भर पत्नी की सहेलियाँ नव वर-वधू को घेरे रहतीं । रात को वधू की मामी, भाभी आदि की चुहलबाजी शुरू हो जाती । बेचारे गोनू झा जिन्दगी भर पुरुषों के साथ रहे थे । महिलाओं के साथ बातचीत करने में झेंप-झेंप जाते । गाँव में वधू पक्ष के सम्बन्धियों के घर से उनके लिए तरह- तरह के सुस्वादु पकवान बनकर आते लेकिन हँसी-ठिठोली के बीच गोनू झा सही ढंग से भोजन नहीं कर पाते । संकोचवश दो-चार निवाला मुँह में रखते और पानी पीकर उठ जाते । पत्नी अभी किशोरी ही थी । गोनू झा की खुराक के बारे में उसे कोई अन्दाज नहीं था इसलिए वह कुछ बोलती नहीं थी । अपने घर में होने के कारण उसमें कोई संकोच का भाव नहीं था इसलिए वह अपनी सहजता में भोजन करती, सहेलियों की छेड़-छाड़ का आनन्द उठाती ।


गोनू झा के लिए एक-एक दिन पहाड़-सा होने लगा। वे समझ नहीं पा रहे थे कि इस तरह सवा महीना ससुराल में अधपेटा रहकर कैसे जी पाएँगे ? गोनू झा को विवाह के बाद जब सुसराल में रोका गया था तब उनके टहल-टिकोला के लिए उनके गाँव का एक गरीब ब्राह्मण युवक भी वहाँ रुक गया था जिसका नाम था मंगर झा । लोग उसे मंगरुवा पुकारते थे। मंगलवार को उसका जन्म हुआ था जिसके कारण पंडित ने उसका नामकरण मंगल किया था और लोक-प्रचलन में उसका नाम मंगल से मंगर और मंगर से मंगरुआ हो गया था ।


गोनू झा भी कोई धनी परिवार से नहीं थे। उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता था । विवाह के समय में उन्हें आर्थिक-संकटों से गुजरना पड़ रहा था ।


ससुराल पक्ष भी धनी नहीं था मगर उनकी अपेक्षा ससुरालवालों की आर्थिक स्थिति अच्छी थी । ससुर के दरवाजे पर गाय-भैंस-बकरी आदि दुधारू मवेशी थे। खेत-पथार भी था । न उधो का लेना, न माधो का देना वाली हैसियत थी । कई गाँवों में ससुर की रिश्तेदारियाँ थीं । मिथिलांचल की परम्परा के अनुसार ससुर के प्रत्येक सम्बन्ध के घर से विदाई के लिए तरह-तरह की चीजें आ रही थीं जिनको रखने के लिए घर के दरवाजे पर बाँस गाड़कर , बाँस की चचरी से उसकी घेरा बंदी कर दी गई थी । कहीं से कुछ आता एक चचरी खोल दी जाती और सामान उसमें रख दिया जाता । कहीं से खाजा भरी चंगेरी तो कहीं से बालूशाही, कहीं से मखाने की चंगेरी, तो कहीं से लड्डू की चंगेरी। ऐसे पकवान जो महीनों खराब न हों , उस अस्थायी रूप से बनाए गए कमरे में एकत्रित हो रहे थे जिसकी गमक से पूरा दरवाजा मँहमँह करने लगा था ।




एक दिन गोनू झा किसी बहाने पत्नी की सहेलियों के बीच से उठकर घर के दरवाजे पर आने में कामयाब हो गए । उन्होंने दरवाजे पर एक चटाई पर लेटे हुए मँगरुआ को देखा तो उसे जगाया । दरवाजे पर पकवानों की खुशबू से उनकी भूख जाग गई । वे बेचैन हो गए। मँगरुआ ने देखा कि गोनू झा कुछ मायूस दिख रहे हैं तो उसने इसका कारण पूछा । गोनू झा ने मँगरुआ से बताया "दिन भर पत्नी की सहेलियाँ घेरे रहती हैं और रात को भाभी और मामियाँ । उनके सामने संकोचवश ठीक से भोजन नहीं कर पाता । अधपेटा रह जाना पड़ता है । अभी तो सात-आठ दिन ही हुए हैं-सवा महीना कैसे कटेगा, यही सोचते-सोचते जी हलकान हो गया है।"


मँगरुआ ने उन्हें समझाया -"कोई बात नहीं है गोनू ! तुम रात को दिशा मैदान के बहाने उठकर बाहर आ जाना । मैं इस ‘कोठरी की एक चचरी' हटा दूँगा । तुम भीतर जाकर जी भर के , जो चाहो , खा लेना। फिर तुम चचरी हटाकर बाहर आ जाना और जाकर सो जाना । लोगों को कानों-कान खबर तक नहीं होगी।"


गोनू झा को मँगरुआ की सलाह पसन्द आ गई । लगभग मध्यरात्रि में वे घर से बाहर आए मँगरुआ को जगाया । मँगरुआ ने चचरी खोली । गोनू झा भीतर घुस गए और एक चंगेरी का ढक्कन खोलकर उसमें टटोल -टोलकर पकवानों का अन्दाजा करने लगे । अँधेरा होने के कारण अन्दाज से ही उन्होंने बालूशाही निकाली और खाने लगे । फिर उन्होंने टटोलकर खाजा निकाला और खा लिया । इसी तरह वे बारी -बारी से चंगेरियों का ढक्कन खोलते , किसी से ठेकुआ निकालकर खाते तो किसी से कसाढ़ । जब उनका पेट अच्छी तरह भर गया तब वे बाहर आने के लिए चचरी हटाने की कोशिश करने लगे मगर चचरी नहीं खुली ।


चचरी में कुछ छेद बना दिए गए थे जिनमें कीलें घुस जाती थीं तो चचरी बंद हो जाती थी । मंगरुआ और उनको इस बात का पता नहीं था । गोनू झा ने जब कमरे में घुसकर चचरी बंद की थी तो यह चचरी कीलों में फँस गई थी और गोनू झा समझ नहीं पा रहे थे कि यह चचरी खुलेगी कैसे ?


थोड़ी देर तक गोनू झा प्रयास करते रहे मगर जब चचरी नहीं खुली तब वह धीरे-धीरे चचरी को थपथपाने लगे ताकि इस हल्की आहट से मँगरुआ उठ जाए और आकर चचरी उठा दे। मगर मँगरुआ को नींद आ गई थी इसलिए वह चचरी थपथपाये जाने से जगा नहीं । गोनू झा की बेचैनी बढ़ती जा रही थी । उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि करें भी तो क्या करें ? यदि इसी तरह बंद रह गए तो सुबह में ससुराल वालों के सामने उनकी भद्द पिट जाएगी। मुँह दिखाने के लायक भी नहीं रहेंगे। इसी बेचैनी में वे मँगरुआ को आवाज लगाने लगे-“रे, खींच ! अरे खींच! खोल ...रे ... खोल !"


मगर मँगरुआ के खर्राटे थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे ।


चचरी पीटे जाने और 'खोल ... खींच' की आवाज से ससुराल के लोगों की नींद खुली । उन्हें लगा कि कोई चोर कोठरी में घुस आया है। वे बाहर निकले । मँगरुआ भी जग गया । लोगों ने विचारना शुरू किया कि कोठरी में कौन घुसे ? चोरों का क्या भरोसा, कहीं कोई गुप्ती भुजाली लेकर न बैठा हो ? कौन जोखिम ले ?




गोनू झा ने बाहर हो रही खट-पट की आवाज से समझा कि मँगरुआ जाग गया है तो फिर दबी आवाज में बोले -"रे खींच जल्दी कर !"


मगर तभी उन्हें किसी की आवाज सुनाई पड़ी..."अरे पंडित जी , रात भर ऐसे ही मुँह बाए खड़े रहिएगा कि चोर को पकड़िएगा ?"


दरअसल बोलनेवाला यह व्यक्ति गोनू झा के ससुर के किसी सम्बन्धी का नौकर था जो पुछारी लेकर आया हुआ था और उनके घर के लोगों से ठीक तरह से परिचित नहीं था । उसने कहा -"हटिए आप लोग ! मैं घुसता हूँ , अकेले । आप लोग बस इतना ध्यान रखिए कि वह यदि मेरी पकड़ में नहीं आए और बाहर निकलकर भागने लगे तो उसे बाहर निकलते ही दबोच लें !”


गोनू झा ने जब यह सुना तो उनके पाँव के नीचे से जमीन ही खिसक गई । वे एक बड़े माठ के पीछे दुबककर खड़े हो गए । माठ के सिरे पर एक कथरी दही पड़ी हुई थी । पता नहीं गोनू झा को क्या सूझा कि उन्होंने कथरी उठाकर अपने दोनों हाथों में रख ली ।


जैसे ही चचरी खोलकर वह आदमी कोठरी में घुसा , गोनू झा ने वह कथरी उसके सिर पर दे मारी। कथरी टूट गई और वह आदमी सिर से कंधे तक मलाई की छह- छह परतोंवाली दही से पुत गया । गोनू झा ने उस व्यक्ति को दबोच लिया और चिल्लाने लगे -" जल्दी लालटेन लाओ, मैंने 'खींचो- खोलो' को पकड़ लिया ।"


वह व्यक्ति इस अचानक हमले से इतना घबरा गया था कि उसे कुछ समझ में नहीं आया कि अँधरे में उसके सिर पर क्या टूटा और चेहरे की क्या हालत हो रही है।


गोनू झा की आवाज सुनकर ससुराल के लोग कोठरी में घुसे और उस व्यक्ति को घसीटकर बाहर लाए और फिर हुई उसकी जबर्दस्त धुनाई की।


गोनू झा ने बाद में उसे छुड़ा दिया और उसे एक कोने में ले जाकर कहा -"बस , यहाँ से भाग जाओ, इसी में तुम्हारी भलाई है।"


वह आदमी सकते में तो था ही , वहाँ से भाग निकला । सोचा -‘ जान बची तो लाखों पाए ! ' और गोनू झा अपनी मस्त चाल में चलते हुए आए।


ससुराल के लोग उन्हें मुग्ध नजरों से देख रहे थे। उनकी आँखों में प्रशंसा का भाव था कि कितने बहादुर हैं हमारे मेहमान !

महिलाओं को राजनीति में आरक्षण प्रतिनिधित्व या प्रतीकात्मकता?

 भारत में महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने का उद्देश्य केवल उनकी संख्या बढ़ाना नहीं था, बल्कि उन्हें वास्तविक सत्ता और निर्णय लेने की ताकत...