Monday, July 3, 2023

गुरु पूर्णिमा भारत में अपने आध्यात्मिक या फिर अकादमिक गुरुओं के सम्मान में, उनके वंदन और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाने वाला पर्व है.

 हम सब मनुष्यों के जीवन निर्माण में गुरुओं की अहम भूमिका होती है.


ऐसे में माना जाता है कि जिन गुरुओं ने हमें गढ़ने में अपना योगदान दिया है, उनके प्रति हमें कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए और उसे ज़ाहिर करने के दिन के तौर पर ही गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है.


हिंदुओ की परंपरा के मुताबिक आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है.


यह पर्व आमतौर पर जून या जुलाई के महीने में आता है. इस साल यह तीन जुलाई यानी सोमवार को पड़ रहा है. हिंदू पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा की अवधि दो जुलाई को रात 08:20 बजे शुरू होगी और तीन जुलाई को शाम 05:08 बजे समाप्त होगी.

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