Dumas Beach पर शाम होने के साथ ही चीखने चिल्लाने की आवाज आना शुरू हो जाती है। चीखने चिल्लाने की आवाजें बहुत दूर तक सुनाई देती है।स्थानीय लोगों कहते हैं कि जो भी रात में डुमस बीच पर जाता है वह कभी वापस लौट कर नहीं आता।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर डुमस बीच लोगों को आकर्षित करता है, लेकिन इस डुमस बीच को लेकर लोगों के दिलों में कई भूतिया कहानियां है।
डुमास बीच की काली रेत | Dumas Beach Haunted Stories In Hindi
डुमास बीच का इतिहास अरब सागर से जुड़ा हुआ है। डुमास बीच सूरत से लगभग 21 किलोमीटर दूर है। डुमस बीच की सबसे आश्चर्य कर देने वाली चीज यहां की रेत है जिसका रंग काला है। डुमस बीच का इतिहास किसी को नहीं पता, लेकिन स्थानीय लोग कहते है कि कई सदियों पहले भूतिया आत्माओं अदृश्य आत्माओं ने डुमस बीच को अपना घर बना लिया और इसी कारण यहां की रेत काले रंग की हो गई।
डुमस बीच के नजदीक लाशें भी जलाई जाती है। लोग कहते है कि जिन मृत लोगों की आत्माओं को मोक्ष नहीं मिलता या जिनकी अकाल मृत्यु होती है उनकी आत्मा है। इस Dumas Beach पर भटकती रहती है।
Dumas Beach फेमस लव स्पॉट भी है। कई कपल्स का अनुभव है कि डुमस बीच दिन में जितना खूबसूरत दिखाई देता है शाम होने के बाद उतना ही खतरनाक और डरावना हो जाता है। Dumas Beach पर रोने की चीखने की आवाजें सुनाई देना साधारण बात है
डुमस बीच की असामान्य गतिविधियां | Dumas Beach Haunted Story In Hindi
कुछ लोग भूत-प्रेत और डुमास बीच के भूतिया होने की बात को नकारते है। उनका कहना है कि Dumas Beach पर कुत्ते है जो रात के समय दौड़ भाग और आवाजें करते है।
डुमस बीच की रेट काली है जिसके कारण यहां का माहौल डरावना दिखाई देता है। स्थानीय लोग कहते है कि डुमस बीच पर आते ही कुत्ते रोने लगते है और इधर-उधर भागते हुए दिखाई देते है।
डुमस बीच के भूतिया अनुभव | Dumas Beach Haunted Experience
जब मैं इंटरनेट पर डुमस बीच के बारे में खोज रहा था तब मुझे एक स्थानीय लोगों की कहानी मिली जो निम्न है
सूरत के किसी गांव में रहने वाले विश्वास पटेल से डुमस बीच के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा - वह दो बार डुमस बीच गए है। मैं दो बार डुमस बीच गया हूं और अपने दोस्तों के साथ रूम में से बीच में रात को थोड़ा समय भी व्यतीत किया है।
जब हम लोग पहली रात बिता रहे थे तब ऐसा लगा कि समुद्र के किनारे बैठ कर कोई रो रहा है। किसी के सिसकने की आवाज भी सुनाई दी। हमने पहले से डुमस बीच के बारे में सुन रखा था इसलिए हम तुरंत वहां से निकल गए।
विश्वास पटेल बताते है - करीब आठ महीने बाद हम दोबारा डुमस बीच गए। तब ऐसा नहीं लगा कि यहां भूत-प्रेत है। वैसे सच बताऊं तो लोगों ने डुमस बीच के बारे में कुछ ज्यादा ही अंधविश्वास फैला रखा है जिसके कारण इंसान न चाहते हुए भी डर जाता है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश बताते है - वह कई बार डुमस बीच गए, लेकिन वहां उनको किसी भूत-प्रेत की आवाज नहीं सुनाई दी।
वहीं सूरत के रहने वाले फोटोग्राफर निशांत लिखते है - वह भी पाँच सौ से ज्यादा बार डुमस बीच जा चुके है लेकिन उन्हें कोई भी भूत नहीं मिला।
स्थानीय लोगों में से एक करण शाह लिखते है - मैं अपने दोस्तों के साथ रात के समय डुमस बीच पर क्रिकेट खेलता हूं लेकिन मुझे आज तक कोई भी भूत नहीं दिखा।
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