Thursday, August 24, 2023

हरियाणा सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को दिया बड़ा तोहफा, पढ़े फ्री बस सेवा के नियम

 हरियाणा में रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ा तोहफा मिल रहा है. हरियाणा सरकार ने रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए 30 अगस्त को फ्री बस सेवा की घोषणा की है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसका महिलाओं को फायदा यह होगा कि जिन्हें दूर जाना होगा उनके लिए आसानी होगी.



आदेश के मुताबिक, पिछले साल की तरह इस साल भी महिलाएं अपने 15 साल तक के बच्चों के साथ मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकती हैं. महिलाएं 29 अगस्त की रात 12 बजे से 30 अगस्त की रात 12 बजे तक मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकती हैं.



रक्षाबंधन के मुहूर्त को लेकर असमंजस

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, वहीं भाई भी अपनी बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं. ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त को मनाया जाएगा. इस बार रक्षाबंधन पर्व को लेकर शहर के लोगों में असमंजस की स्थिति है, जिसके चलते लोग रक्षाबंधन के मुहूर्त को लेकर असमंजस में हैं, ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार भी रक्षाबंधन पर भद्रा काल का प्रभाव रहेगा और रक्षाबंधन पर राखी बांधने की जरूरत नहीं. सबसे अच्छा समय रात के तीन घंटे का होगा. वहीं अगले दिन पूर्णिमा होने के कारण सूर्य उदय होने पर विधि-विधान से राखी बांधी जा सकती है.



राखी बांधने का शुभ समय

कुरूक्षेत्र के ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक का कहना है कि सावन माह की पूर्णिमा के दिन भद्रा रहित दोपहर में राखी बांधना सर्वोत्तम माना जाता है. पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे से शुरू होगी और 31 अगस्त को सुबह 7.06 बजे तक रहेगी. वहीं 30 अगस्त को पूर्णिमा के साथ ही भद्रा काल शुरू हो जाएगा, जो रात 9.02 बजे तक रहेगा. ऐसे में शास्त्रों के अनुसार बहनें अपने भाइयों को रात 9.30 बजे से 12.28 बजे तक राखी बांध सकेंगी. उन्होंने बताया कि यदि आवश्यक हो तो 30 अगस्त को भद्रा के पुच्छ काल में शाम 5.19 बजे से 6.31 बजे के बीच भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर राखी बांधी जा सकती है




क्या है भद्रा

धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के अनुसार, भद्रा शनिदेव की बहन और भगवान सूर्य और माता छाया की संतान हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा का जन्म राक्षसों का नाश करने के लिए हुआ था. जब भद्रा का जन्म हुआ तो उसने जन्म लेते ही संपूर्ण ब्रह्मांड को अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया। ऐसे में भद्रा के कारण जहां भी शुभ और मांगलिक कार्य किए जाते हैं, वहां विघ्न आ जाते हैं. इसी कारण से जब भद्रा लगती है तो कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है.


रक्षाबंधन पर राखी बांधने के नियम

राखी बांधने से पहले बहनों को भाई के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाना चाहिए और भाइयों को सिर पर रुमाल रखना चाहिए. साथ ही भाइयों को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि राखी कभी भी खाली और खुले हाथों में न बांधें, हाथ की मुट्ठी में हमेशा पैसा रखें और उसे बंद करके रखें. ऐसा करने से घर में धन-संपदा बनी रहती है.




.

No comments:

Post a Comment

महिलाओं को राजनीति में आरक्षण प्रतिनिधित्व या प्रतीकात्मकता?

 भारत में महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने का उद्देश्य केवल उनकी संख्या बढ़ाना नहीं था, बल्कि उन्हें वास्तविक सत्ता और निर्णय लेने की ताकत...