सनातन धर्म में दशहरे के पर्व को बहुत पवित्र माना गया है। इस बार दशहरा 24 अक्टूबर 2023, मंगलवार को यानी कल मनाया जाएगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसके अलावा दशहरा के दिन नवरात्रि व्रत का पारण किया जाता है। शास्त्रों में व्रत से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि व्रत के नियमों का विधिवत पालन करने से ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है। दशहरा को लेकर मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ-साथ नवरत्रि पर्व का भी समापन हो जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में ऐसी जिज्ञासा है कि क्या दशहारा पर नॉनवेज खा सकते हैं या नहीं। चलिए दशहरा पर मांस-मछली या अंडे इत्यादि खा सकते हैं या नहीं इस बारे में ज्योतिष और धर्मशास्त्र के जानकार डॉ. संजीव शर्मा से इस बारे में जानते हैं।
दशहरा पर नॉनवेज खास सकते हैं या नहीं?
ज्योतिषाचार्य डॉ. संजीव शर्मा के मुताबिक, दशहरा एक पवित्रता का त्यौहार है। जैसा कि हम सभी जानते हैं इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। बुराई पर अच्छाई की विजय हुई थी। हमारे सनातन धर्म और शास्त्र कभी भी किसी विजय पर यह अनुमति नहीं देते हैं कि हम किसी भी तारीके का मांसाहार या मदिरापान करें। इसके अलावा इस दिन किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन ग्रहण करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि हम देवताओं के वंशज हैं इसलिए हम अपनी विजय को भी सादगी के साथ मनाते हैं।
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रक्षा या राक्षसों के वंशज अपनी विजय को मदिरापान या मांसाहार के साथ मनाते हैं। अतः हमें विजयदशमी को सादगी के साथ मनाना चाहिए और ध्यान रखना चाहिए अहंकार और बुराई की हमेशा हार होती है। सत्य अनुशासन और अच्छे आचार विचार की हमेशा जीत होती है। इन सब के साथ धैर्य हमारी जीत को सुनिश्चित करता है। अच्छा चरित्र हमारी जीत को सफल बनाता है। आपने देखा होगा भगवान श्री राम ने भी रावण की मृत्यु के बाद लक्ष्मण को उनसे शिक्षा लेने के लिए भेजा था क्योंकि रावण स्वयं एक महापंडित थे। अतः हमें ज्ञान को नमन करना चाहिए और बुराइयों का दमन करना चाहिए।
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