क्या आपका बच्चे नाश्ते में हर रोज इंस्टैंट नूडल्स खाने की जिद करते हैं और आप उन्हें रोक नहीं पाते? या फिर चाइनीज या प्रोसेस्ड भोजन को देखकर आपके लिए खुद को रोकना मुश्किल हो जाता है? तो एक बार इन्हें खरीदते वक्त इनपर छपे 'इंग्रेडियट्स' (सामग्री) को ध्यान से पढ़ें और अगर इसमें आपको कहीं 'एमएसजी' (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) छपा दिख रहा हो तो उस भोजन को खरीदने से बचें। हो सकता है कि एमएसजी युक्त भोजन से आप न सिर्फ अपने लिए कई बीमारियों को निमंत्रण देंगे बल्कि अपने बच्चे या होने वाले बच्चे के लिए भी खतरे को बुलाएंगे।
क्या है एमएसजी
एमएसजी यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट अमीनो एसिड से निकलने वाला तत्व है जिसका इस्तेमाल भोजन को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) भोजन में अगर तीन ग्राम से अधिक मात्रा में एमएसजी का प्रयोग हो तो ही वह सेहत के लिए हानिकारक होता है। लेकिन अगर आप फास्ट फूड या एमएसजी युक्त डाइट का सेवन अधिक करते हैं तो इसके कई गंभीर परिणाम आपको झेलने पड़ सकते हैं।
न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया की सदस्य और न्यूट्रिशनिस्ट स्नेहा राय बताती है, 'जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते चलन के चलते अक्सर हम जो डाइट लेते हैं उसमें एमएसजी का इस्तेमाल होता है। महीने में एक-दो बार अगर इसका सेवन करें तो कोई नुकसान नहीं है पर बहुत अधिक मात्रा में एमएसजी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।'
एमएसजी का इस्तेमाल
एमएसजी का इस्तेमाल खासतौर पर चाइनीज और जापानी व्यंजनों में होता है। घरों में इस्तेमाल होने वाला 'अजीनोमोटो' ऐसा ब्रांड है जो विश्व का 33 प्रतिशत एमएसजी बनाता है। अजीनोमोटो का उपयोग खासतौर पर चाइनीज भोजन का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है। इसके अलावा, यह कैन्ड सूप, इंस्टैंट नूडल्स, सीजनिंग सॉल्ट, सिजलर्स, प्रोसेस्ड मीट, कुछ डिब्बाबंद भोजन, हॉट डॉग्स, चिप्स आदि में किया जाता है।
बच्चों के विकास में बाधा
भोजन में आवश्यकता से अधिक एमएसजी का इस्तेमाल या प्रतिदिन एमएसजी युक्त जंकफूड और प्रोसेस्ड फूड का असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है। स्नेहा बताती हैं, 'कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि एमएसजी युक्त डाइट बच्चों में मोटापे की समस्या का एक कारण है। इसके अलावा यह बच्चों को भोजन के प्रति अंतिसंवेदनशील बना सकता है। मसलन, एमएसजी युक्त भोजन अधिक खाने के बाद हो सकता है कि बच्चे को किसी दूसरी डाइट से एलर्जी हो जाए। इसके अलावा, यह बच्चों के व्यवहार से संबंधित समस्याओं का भी एक कारण है।'
गर्भावस्था में खतरनाक
आमतौर पर चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को एमएसजी का सेवन कम करने की हिदायत देते हैं। चूंकि इसका गर्भवती महिला की सेहत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन इसके साइड एफेक्ट्स कई बार उनके लिए गंभीर हो सकते हैं। स्नेहा के अनुसार, 'गर्भवती महिलाएं अगर एमएसजी युक्त डाइट का अधिकता में सेवन करें तो उनके होने वाले शिशु के नर्व्स के विकास में दिक्कत हो सकती है। हालांकि अभी तक इसके ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं फिर भी इसे उनके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं कहा जा सकता है।' इसके अलावा इसके अधिक सेवन से गर्भवती महिलाओं को अधिक उल्टियां या बेचैनी होने जैसे कुछ साइड एफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
और भी हैं साइड एफेक्ट्स
एमएसजी युक्त भोजन के और भी ऐसे साइड एफेक्ट्स हैं जैसे सिरदर्द होना, दिल की धड़कनों बढ़ जाना, बेचैनी, अत्याधिक पसीना होना, त्वचा पर रैशेज, अनिद्रा, सीने में दर्द, हमेशा कुछ न कुछ खाने का मन करना, कानों में सिहरन उठना आदि।
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