यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा
जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा
ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी
इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा
दुनिया में इंसान को हर चीज़ मिल जाती है
सिर्फ अपनी गलती नहीं मिलती
लोग क्या कहेंगे
यह सोच कर जीवन जीते हैं
भगवान् क्या कहेंगे
क्या कभी इसका विचार किया ?
अगर आप सही हो
तो कुछ सही साबित करने की कोशिश ना करो
बस सही बने रहो
गवाही खुद वक्त देगा
अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है
अभी तो इस परिंदे का इम्तिहान बाकी है
अभी अभी मैंने लांघा है समुंदरों को
अभी तो पूरा आसमान बाकि है
हीरे को परखना है तो अँधेरे का इंतजार करो
धूप में तो काँच के टुकड़े भी चमकने लगते हैं
बिना संघर्ष के कोई महान नहीं बनता
पत्थर पर जबतक चोट ना पड़े
तब तक पत्थर भी भगवान् नहीं बनता
जिंदगी में आप कितनी बार हारे
ये कोई मायने नहीं रखता
क्यूंकि आप जीतने के लिए पैदा हुए हैं!!
मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता है
लेकिन
मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता
“मन के हारे हार है और मन के जीते जीत”
जिंदगी में कठिनाइयां आयें तो उदास ना होना
क्यूंकि कठिन रोल अच्छे एक्टर को ही दिए जाते हैं!!
यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है
तो एक अकेला जुगनू भी सब अंधकार हर लेता है
रास्ते कभी खत्म नहीं होते
बस लोग हिम्मत हार जाते हैं
तैरना सीखना है तो पानी में उतरना ही होगा
किनारे बैठ कर कोई गोताखोर नहीं बनता
जीवन में तीन मंत्र हमेशा याद रखो
आनंद में वचन मत दीजिये
क्रोध में उत्तर मर दीजिये
दुःख में निर्णय मत लीजिये
कितना भी पकड़ो समय फिसलता जरूर है
ये वक्त है साहब बदलता जरूर है
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