नवरात्रि के दौरान मिठाई के दीवानों के लिए काफी खास समय होता है. लोग पूजा और मेला के दौरान अलग-अलग तरह की मिठाइयों का लुत्फ उठाना पसंद करते हैं. अगर आप भी जमुई में है और नवरात्रि के मेला का आनंद उठा रहे हैं तो आपको भी एक बार यह मिठाई जरूर ट्राई करनी चाहिए. दरअसल, हम बात कर रहे हैं जमुई जिले में काफी प्रसिद्ध हो चुके बालूशाही की, जो खास कर दशहरा के दौरान बनाई जाती है. लोग बड़े ही चाव से इसका लुत्फ उठाते हैं. यही कारण है कि दशहरा की शुरुआत होते ही पूरे जिले भर में अलग-अलग दुकानों में बालूशाही बनाने की शुरुआत की जाती है. प्रत्येक दुकानदार बड़े पैमाने पर इसका निर्माण करते हैं.
केवल एक दुकान में बिकता है 30 क्विंटल बालूशाहीजमुई जिले के खैरा बाजार में एक ऐसी दुकान है, जहां की बालूशाही इतनी प्रसिद्ध है कि यहां एक या दो नहीं बल्कि पूरे 3000 किलो बालूशाही की बिक्री होती है. दरअसल खैरा दुर्गा मंदिर के सामने विनोद रावत की मिठाई की दुकान में बालूशाही के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है. यहां बड़े पैमाने पर बालूशाही का निर्माण किया जा रहा है. दुकान में काम करने वाले कारीगरों ने बताया कि पूजा शुरू होते ही बालूशाही की डिमांड बढ़ जाती है.
रोजाना 10 क्विंटल तक बालूशाही की बिक्री होती है. उन्होंने बताया कि 3 से 5 लाख रुपए तक का कारोबार केवल बालूशाही से होता है. लोग बड़े ही चाव से इसका आनंद उठाना पसंद करते हैं.
जिले में नवरात्रि के दौरान मिठाइयों की रहती है धूमगौरतलब है कि नवरात्रि के दौरान बड़े पैमाने पर लोग मिठाइयों का इस्तेमाल करते हैं. खासकर विजयदशमी के दिन मिठाइयों की खासी बिक्री होती है. यहां 150 रुपया किलो के दर से मिलती है. एक तरफ पूरे साल भर में कारोबारी जितने का व्यापार नहीं कर पाते हैं. उससे अधिक मुनाफा केवल विजय दशमी के दिन कमाते हैं.
इसी को देखते हुए अब तैयारी शुरू कर दी गई है. रोजाना 3 से 4 क्विंटल बालूशाही का निर्माण किया जा रहा है कि जिले में नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है. बड़े बनाने पर पूजा पंडाल में लोगों की भीड़ भी उमड़ रही है.
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