Ghaziabad Latest News : मुंबई में रहने वाला सीए, उसके कुछ साथी दिनभर गूगल सर्च पर नजर गड़ाए रखते थे. दिनभर का यही काम था. लग्जरी जिंदगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रोजाना लाखों में कमाई हो रही थी. गाजियाबाद पुलिस जब पीछा करते हुए सीए तक पहुंची, तो उसके घर में मिली चीजों को देखकर हैरान रह गई. आइये जानते हैं पूरा मामला...
गाजियाबाद. गाजियाबाद में व्हॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिये शेयर मार्केट में पैसे कमाने को लेकर फ्रॉड करने वाला गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने सीए और बैंककर्मी गिरफ्तार करके करीब 5 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा किया है. गाजियाबाद के साइबर थाने ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तीन आरोपियों नोएडा से और एक गाजियाबाद गिरफ्तार किया गया. इनकी गिरफ्तारी से 6 राज्यों की 17 घटनाओं का खुलासा हुआ है. इन घटनाओ में 4 करोड़ 85 लाख की धोखाधड़ी की गई थी. सोशल साइट पर जब कोई शेयर मार्केट सर्च करता था तो ये उसको अप्रोच करते थे.
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच के एडीसीपी सच्चिदानंद राय ने बताया कि साइबर क्राइम ने एक ऐसा गिरोह को गिरफ्तार किया है जो शेयर मार्केट में पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगा करता था. इसमें मुंबई का एक सीए और एक बैंककर्मी भी है. पुलिस को पीयूष वर्मा नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उससे 46 लाख रुपये ठगे गए हैं. फिलहाल 15 लाख रुपये रिकवर हो गए हैं.
शेयर ट्रेडिंग के टिप्स दिया करते थे आरोपीआरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, तीन डेस्कटॉप, आठ मोबाइल फोन, 4 पीओएस मशीन, 13 फर्म की मुहर, 19 बैंकों की चेक बुक, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं. जो भी लोग सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग सर्च करते थे, उनको यह अप्रोच करते थे. उसके बाद व्हॉट्सएप ग्रुप से जोड़ने के बाद टेलीग्राम चैट किया करते थे. शेयर ट्रेडिंग के टिप्स दिया करते थे. उसके बाद यह लोग लालच दिया करते थे कि अच्छे आईपीओ को से दो लाख से भी अधिक का दिलवा देंगे.
जैसे ही पीड़ित झांसे में आ जाता था, फिर ये ये लोग अपने अकाउंट में पैसा जमा करवाते थे. गिरफ्तार लोगों में बैंककर्मी सुरजीत पीड़ितों का खाता खुलवाता था जिसके आवाज में 15 से 20 हजार रुपये लिया करता था. साथ ही मुंबई का सीए शिवाजी विष्णु भी गिरफ्तार हुआ है, जिसका काम फर्जी कागजात तैयार करवाना था. इसके अलावा दशरथ सैनी और गणेश भी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं.
मुंबई का सीए तैयार करवाता था फर्जी कागजातसच्चिदानानंद राय ADCP क्राइम, गाजियाबाद ने बताया, ‘फरियादी ने 10 फरवरी को साइबर फ्रॉड का मुकदमा पंजीकृत करवाया था. तब से टीमें लगातार लगी हुई थीं. लगातार प्रयास के बाद, चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बैंककर्मी सुरजीत 15-20 हजार रुपये लेकर खाता खुलवाता था. मुंबई का सीए शिवाजी फर्जी कागजात तैयार करवाता था. आरोपी गणेश कुमार और दशरथ सैनी खाता खुलवाने में बैंककर्मी का सहयोग लेते थे. खातों को कृष्ण कुमार बंगाली जो कि दिल्ली के मंगोलपुरी का निवासी है, उसे बेचते थे. असल में शेयर नहीं देते थे. अगर कोई पैसे वापस मांगता था तो कई तरह के टैक्स गिनाते थे.’
Comments
Post a Comment