Monday, June 5, 2023

उड़ने वाला कछुआ कहानी

 एक बंदर और एक कछुआ बहोत अच्छे दोस्त थे। कछुए ने बंदर को एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर उड़ते हुए देखा और कहा, मैं भी तुम्हारी तरह उड़ना चाहता हूं। तो बंदर ने अपनी मजबूत पूंछ को एक पेड़ के चारों ओर घुमाया, और दिखाया कि कैसे वे एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक घूमते हैं। कछुआ ने कहा, “ये बहोत कठिन लग रहा है, मुझसे नहीं हो पायेगा ।” और एक शद्ब भी बोन बिना अपने कवच में गायब हो गया और सो गया। जल्द ही रात हो गई और बंदर चला गया। फिर कछुआ अपने कवच से बाहर आया और उसने एक पेड़ की शाखा पर छलांग लगाने की कोशिश की, लेकिन उसके छोटे छोटे पैरो की वजह से वह ज्यादा दूर कूद नहीं पाया और निचे जाके बन्दर ने खाये हुए केले की खाल पर गिर गया।


वो चिपचिपी केले की खाल कछुए के कवच पर चिपक गयी और पंखों की जोड़ी की तरह लगने लगी । अपने पंखो को देखके कछुआ रोमांचित हो गया और उड़ने लगा । उड़ते उड़ते वह बंदर के घर पहुंचा। बन्दर उड़ते हुए कछुए को देखकर चकित रह गया। कछुआ काफी प्रसिद्ध हो गया, और बंदर को उसका दोस्त होने पर गर्व होने लगा

Moral of the Story : अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए जो मेहनत करता है वही सफल होता है|

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