एक जंगल में एक शेर रहता था। एक दिन बड़के खाना खाने के बाद वह शेर एक पेड़ के नीचे सो रहा था। थोड़ी देर बाद, वहाँ एक चूहा आया और उसने शेर के शरीर पर खेलना शुरू कर दिया। अचानक शेर गुस्से से उठा और जिसने उसकी नींद ख़राब की उसे ढूंढने लगा । तब उसने देखा कि एक छोटा चूहा डर के मारे कांप रहा है। शेर ने गुस्से में चूहे को जा पकड़ा । वह चूहे को खाने ही वाला था की तभी चूहे ने उसे कहानी बताते हुए बोला और कहा की अगर आप आज मुझे छोड़ दो तोह अगली बार में आपकी मदद करूँगा । शेर हसने लगा और बोला की “तुम इतने छोटे चूहे मेरी क्या सहायता करोगे | पर आज मेरा पेट भरा हुआ है तो में आज तुझे छोड़ देता हु |” चूहा जान बचके भाग गया |
कुछ और दिनों बाद जब शेर फिरसे उसी पेड़ की निचे सो रहा था , तभी एक शिकारी ने आ के उसे अपने जाल में कैद कर लिया | शेर असहाय बन गया और बचाओ बचाओ चिल्लाने लगा | उतने में वही चूहा वह पे आ गया और शेर को बोला “उस दिन आपने मेरी जान बचायी थी तो आज में आपकी जाम बचाऊंगा |” और चूहे ने अपने दातो से शिकारी के जाल को काट डाला |
तब शेर को एहसास हुआ की उस दिन चूहे को छोड़ने की वजह से ही आज उसकी जान बची है | और फिर दोनों अचे दोस्त बन गए |
Moral of the Story : जब आप दुसरो की सहायता करोगे, तभी आपके जरूरत में कोई आपकी मदद करेगा |
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