Wednesday, July 12, 2023

रौद्र रूप में आई यमुना, 10 जिले बाढ़ की चपेट में, आठ की मौत, 78 लोगों का रेस्क्यू

 पहाड़ों पर प्रलय मचाने के बाद नदियों का पानी अब मैदानी क्षेत्र में आफत ला रहा है। यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। यमुना का पानी प्रदेश के तीन और जिलों सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल में घुस गया है। अब हरियाणा के 10 जिले पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और पानीपत बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। 




अंबाला का हिसार मार्ग से संपर्क अब भी टूटा हुआ है। इस रूटों पर बसों का संचालन बंद है। यहां बाढ़ प्रभावित गांवों में छतों तक पानी है और गलियां में नाव भी नहीं जा पा रही है। कुरुक्षेत्र में 15 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा है। 10 से ज्यादा रूटों पर बसें बंद हैं।


बाढ़ और जलभराव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आठ लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को चार लाख रुपये सहायता राशि देने और मकानों की मरम्मत के लिए सहायता राशि देने की घोषणा की है। यमुना के पानी ने बुधवार को पानीपत में फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। यहां ड्रेन नंबर-दो टूट गई। इससे भल्लौर गांव समेत आधा दर्जन गांवों के खेतों में पानी भर गया। यहां मंगलवार को पत्थरगढ़ के पास यमुना का बांध टूट गया था। इससे नदी पानी का पानीपत-हरिद्वार स्टेट हाईवे तक पहुंच गया और करीब 15 गांवों की 25 हजार एकड़ फसल डूब गई। 


आधा दर्जन गांवों का एक-दूसरे और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। पानीपत के बाद यमुना ने सोनीपत के इलाकों में नुकसान पहुंचाना शुरू किया। बुधवार सुबह मुरथल क्षेत्र के गांव मच्छरोला, भैरा बांकीपुर व बड़ौली के पास कटाव हो गया। ग्रामीणों व प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद कटाव बंद कराया। 

यमुना के सटे करीब 25 गांवों तक पानी पहुंच चुका है। जाजल से टोंकी रोड पर पानी भरने व रास्ता टूटने से संपर्क बाधित हो गया है। यहां मंगलवार को यमुना का जलस्तर 216.1 मीटर था जो बुधवार को बढ़कर 216.4 तक पहुंच गया। हालांकि यमुना खतरे के निशान 217 मीटर से अभी नीचे है। फरीदाबाद में यमुना से लगते गांवों में पानी घुसना शुरू हो गया। करीब 10 हजार घरों में नदी का पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने मंगलवार रात करीब दो बजे अमीपुर गांव में बाढ़ में फंसे 78 लोगों को रेस्क्यू किया। फिलहाल इन लोगों को अमीपुर गांव के शेल्टर होम में रखा गया है।


अंबाला का हिसार मार्ग से संपर्क अब भी टूटा हुआ है। इस रूटों पर बसों का संचालन बंद है। यहां बाढ़ प्रभावित गांवों में छतों तक पानी है और गलियां में नाव भी नहीं जा पा रही है। कुरुक्षेत्र में 15 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा है। 10 से ज्यादा रूटों पर बसें बंद हैं। इससे रोडवेज को रोजाना दो लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। 


पिहोवा से पंजाब जाने वाले रास्ते बंद हैं। कस्बे के गांव दीवाना में एनडीआरएफ की टीम ने लोगों को बचाया। कैथल में पंजाब बॉर्डर पर चीका व समाना और पटियाला क्षेत्र में 50 गांवों से संपर्क टूटा हुआ है। चीका क्षेत्र से गुजर रही हांसी-बुटाना लिंक नहर में गांव सरोला, सरस्वती ड्रेन पर रसूलपुर-प्रेमपुरा गांव में नहर के तटबंध टूटे हैं। गुहला क्षेत्र में अब तक 22 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है।

यमुनानगर में बिलासपुर रोड के रणजीतपुर में हरियाणा को हिमाचल से जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। पुलिस बैरिकेड लगाकर केवल दोपहिया वाहनों को निकाला जा रही है। करनाल में बाढ़ से 27 गांव प्रभावित हैं और 11 गांवों का संपर्क जिले से कट गया है। करनाल-गंगोह अंतरराज्यीय मार्ग बंद है। दो से 10 हजार क्यूसेक पानी सामान्य तौर पर रहता है। बुधवार को एक लाख 30 हजार क्यूसेक रहा, जोकि मंगलवार से करीब आधा रहा गया है। 


अंबाला से ऊना-सहारनपुर और कैथल से पंजाब के रास्ते अब भी बंद

अंबाला में चंडीगढ़ और बठिंडा मार्ग खुल गया है। अब प्रशासन ऊना और सहारनपुर मार्ग को खोलने की तैयारी में है। कैथल में अंबाला व चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के पटियाला से संपर्क टूट चुका है। पंजाब बॉर्डर पर चीका व समाना और पटियाला क्षेत्र में 50 गांवों से संपर्क टूटा हुआ है। कैथल में हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पिहोवा से आगे बंद है। साथ ही कैथल-पटियाला राजमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। यहां रोडवेज ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व पंजाब के अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों के रूट बंद कर दिए हैं। चंडीगढ़ जाने वाली बसें भी अंबाला तक जा रही हैं।

बाढ़-बारिश से आठ की मौत

बुधवार को बाढ़-बारिश से प्रदेश आठ लोगों की मौत हो गई। अंबाला में अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ के पानी में डूबे छह लोगों के शव मिले। इसके अलावा एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। फरीदाबाद के बसंतपुर गांव की गड्ढा कॉलोनी में बाढ़ का पानी भरने पर सामान हटाते समय करंट लगने से 24 वर्षीय सतीश कुमार की मौत हो गई।

रातभर यमुना के बीच फंसा रहा किसान

पलवल में मंगलवार शाम यमुना का जल स्तर बढ़ने से प्रह्लादपुर गांव के समीप करीब 35 एकड़ के टापू के चारों तरफ नदी का पानी आ गया। टापू पर 10 किसान उनकी भैंस, भेड़-बकरी फंस गए। किसान बिरेंद्र, लाला, राजेंद्र, महेंद्र व चरण सिंह सहित अन्य किसान फंस गए। चरण सिंह की 150 भेड़-बकरी व अन्य की करीब 50-55 भैंसें टापू बनी पर रात तक फंसी रहीं। बिरेंद्र, लाला, राजेंद्र व महेंद्र सहित अन्य किसान तो अपनी भैंसों के साथ तैरकर बाहर निकल आए, परंतु चरण सिंह अपनी भेड़ों के साथ वहीं फंसा रहा। बुधवार दोपहर में एनडीआरएफ ने नावों से उसे व भेड़-बकरियों को बाहर निकाल लिया।


पंजाब में 14 जिलों के 1058 गांव बाढ़ की चपेट में, भाखड़ा-पौंग बांध से पानी छोड़ने से बढ़ा खतरा


पंजाब में बारिश थम गई है लेकिन नदियों में उफान के कारण बाढ़ का संकट बरकरार है। पंजाब के 14 जिलों के 1058 गांव इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। बारिश के कारण मरने वालों का आंकड़ा 11 पहुंच गया, जबकि पांच लापता हैं। राज्य में 13574 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कुल 127 राहत कैंप लगाए गए हैं।


फरीदकोट के कोटकपूरा में बुधवार सुबह करीब चार बजे घर की छत गिरने से गर्भवती महिला, उसके पति व बेटे की मौत हो गई। फरीदकोट में हुए हादसे में मृतकों की पहचान गगनदीप सिंह (37), उनकी पत्नी कमलजीत कौर (34) व बेटे गुरकंवल सिंह (5) के रूप में हुई है। उनके पड़ोसी की बेटी इंद्रजीत कौर घायल है।


मृतका कमलजीत कौर सात माह की गर्भवती थी। वहीं, लुधियाना के माछीवाड़ा के गांव माणेवाल में 16 वर्षीय छात्र सुखप्रीत परीक्षा स्थगित होने के कारण घर लौट रहा था। इसी दौरान वह नाले में बह गया। उसका कोई पता नहीं चल पाया है। मोहाली में कार बहने के बाद लापता हुए 25 वर्षीय गुरप्रीत सिंह गोपी का शव भी बरामद हो गया है। गुरप्रीत सिंह मूलरूप से हिमाचल के ऊना का रहने वाला था। वह खरड़ में रह रहा था।

दूसरी ओर हरिके हेड से पानी छोड़े जाने के बाद पाकिस्तान सीमा से सटे जिले फिरोजपुर और फाजिल्का के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। हालांकि, लोगों को एक दिन पहले ही राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया था। फिर बड़ी संख्या में लोग फंस गए हैं। पौंग बांध से बुधवार को 20,000 क्यूसिक पानी ब्यास में छोड़ा गया है। वहीं, भाखड़ा बांध से भी 19,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गुरुवार को 16000 क्यूसेक और छोड़ा जाएगा। इससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। पठानकोट में रणजीत सागर बांध से भी पानी छोड़ा गया है। आसपास के गांवों के लोगों को राहत कैंपों में भेज दिया गया है। कुछ जगहों पर बाढ़ का पानी उतरने से लोगों को राहत भी मिली है।


 रूपनगर में सबसे ज्यादा प्रभावित

पंजाब में बाढ़ के कारण 14 जिलों के 1058 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 364 गांव रूपनगर के हैं। मोहली के 268, पटियाला के 250, जालंधर के 71, मोगा के 30, होशियारपुर के 25, लुधियाना के 16, फिरोजपुर व संगरूर के 3-3 और तरनतारन के 6 गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक 49 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि 180 घरों के कुछ हिस्सों का नुकसान हुआ है। राज्य में 13574 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। जिलों में कुल 127 राहत कैंप लगाए गए हैं। 

मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख देखी सरकार

मुख्यमंत्री भगवंत मान कहा है कि प्रदेश सरकार बारिश के कारण मारे गए लोगों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये देगी। इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों के लिए जल्द 71.5 करोड़ रुपये जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों का जो भी नुकसान हुआ है, उसके एक-एक पैसे की भरपाई करेगी।

लुधियाना में 300 झुग्गियां डूबीं, संगरूर में घग्गर खतरे के निशान से ऊपर

लुधियाना में बुड्ढा नाला के ओवरफ्लो होने से 300 झुग्गियां डूब गई हैं। लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। वहीं, संगरूर में घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। गांव मकोरड, फुल्लद के पास नदी किनारे बने बांध में दरार पड़ गई है।


सेना व एनडीआरएफ ने 993 को बचाया, 49 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त

सेना व एनडीआरएफ का बचाव कार्य जारी है। बुधवार को जालंधर से 320, कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी से 223 व गुरदासपुर में 450 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अब तक 49 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि 180 घरों के कुछ हिस्सों का नुकसान हुआ है।

वंदे भारत चली, बाकी सभी 35 ट्रेनें रद्द

अंबाला रेल मंडल के अधीन आते साहनेवाल-चंडीगढ़ सेक्शन में रेलवे ट्रैक पर जलभराव की वजह से चंडीगढ़ रूट की 35 यात्री ट्रेनें बुधवार को भी रद्द रहीं। हालांकि वंदे भारत रवाना हुई। चंडीगढ़ रूट पर अप डाउन करने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी हुई। वहीं, चंडीगढ़ एयरपोर्ट से सभी हवाई उड़ानें सुचारू रहीं।

एसडीएम ने तैरकर बाढ़ में फंसे व्यक्ति को निकाला

फतेहगढ़ साहिब में खमाणों के एसडीएम डॉ. संजीव कुमार बाढ़ में फंसे एक व्यक्ति की जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। वह गुरुद्वारा बिबानगढ़ साहिब के पीछे फंसे व्यक्ति तक तैर कर पहुंचे और उसे सुरक्षित बाहर लेकर आए। इसके लिए उनकी काफी सराहना हो रही है।

पंजाब में आज फिर बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मोगा का मौसम साफ रहेगा। सूबे के अन्य जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बारे में कोई अलर्ट नहीं है।

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