सावन माह में शिव भक्तों सहित शहरवासियों का खानपान पूरी तरह से बदल जाता है। सावन के महीने में पूजा पाठ के साथ ही सात्विक भोजन भी दिनचर्या का हिस्सा है। ऐसे में घरों में ही नहीं, होटल और रेस्तरां में भी मांसाहार न खाया और न बनाया जाता है। ऐसे में होटल के मेन्यू पूरी तरह से बदल जाता है। यहां तक कि एक माह के लिए शहर के कुछ होटल और रेस्तरां में बनने वाली किसी भी डिश में प्याज और लहसुन तक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
लहसुन और प्याज से भी परहेज करते हैं शएक माह के लिए मांसाहार डिश नहीं
सावन में एक माह के लिए होटल में मांसाहार डिश पर रोक लगा दी जाती है। लोग भी ऐसी डिश खाने से परहेज करते हैं। इसके साथ ही मेन्यू में कुछ नई स्वादिष्ट डिश को भी शामिल किया है। हरवासी
होटल संचालकों का कहना है कि सावन माह में लोग मांसाहार ही नहीं, लहसुन-प्याज तक खाने में परहेज करते हैं। ऐसे में एक माह के लिए मेन्यू में सात्विक डिश की संख्या बढ़ा दी जाती है। इसके अलावा दाल मखनी, पनीर हांडी, पनीर धनिया अदरकी, भूना पनीर मसाला, पनीर कोल्हापुरी के अलावा मखमली कोफ्ता जैसी डिश भी इन दिनों प्याज लहसुन के बिना ही पकाई जाती है।
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