Sunday, July 23, 2023

उत्तर प्रदेश में बरेली के बारादरी इलाक़े में रविवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई. यहां कांवड़ियों के एक जत्थे ने दावा किया है कि उन पर पथराव किया गया है.

 पुलिस के मुताबिक़ यह घटना किसी वस्तु के फेंकने से शुरू हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव किया.


अख़बार के मुताबिक़ बरेली के एसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा, “घटना के वीडियो की जांच करने से यह पता चला है कि पथराव दोनों तरफ़ से किया गया. इलाक़े में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है.”



उन्होंने बताया कि घटना के जो वीडियो सामने आए हैं, पुलिस उनकी मदद से अभियुक्तों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.


अख़बार ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि पथराव की इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं. वहीं एसपी के मुताबिक़ घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.


पुलिस के मुताबिक़ रविवार को जोगी नवादा इलाक़े में मस्जिद के पास से कांवड़ियों का एक जत्था जल लेने के लिए जा रहा था, तभी कोई वस्तु फेंकने के लेकर विवाद शुरू हो गया.


अखबार, पुलिस के हवाले से लिखता है कि जैसे ही कांवड़ियों का जत्था मस्जिद से क़रीब 40-50 मीटर आगे बढ़ा, तो लोगों के एक समूह ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके गए.



पूर्व पार्षद पर आरोप

वहीं इंडिया टुडे के मुताबिक़ कांवड़ियों के जत्थे में क़रीब दो हज़ार लोग थे और जैसे ही जत्था शाहनूरी मस्जिद के पास पहुँचा, पत्थरबाज़ी शुरू हो गई.


बरेली एसएसपी ने बयान जारी कर बताया कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और कांवड़ियों के जत्थे को आगे बढ़ाया.


इसके बाद कांवड़ियों ने एफ़आईआर दर्ज करने और अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.


अख़बार के मुताबिक़ बरेली आईजी राकेश सिंह ने कहा कि इस मामले में बारादरी पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज की गई है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.


सूत्रों के हवाले से ख़बर में लिखा गया है कि कांवड़ियों ने हमले के पीछे इलाक़े के एक पूर्व पार्षद का हाथ होने का आरोप लगाया है.


द हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक़ इस मामले में पूर्व पार्षद उस्मान अल्वी समेत 12 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना बारादरी में तहरीर दी गई है.


बरेली के अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट आरडी पांडे ने कहा कि स्थिति सामान्य है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.


उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और बरेली के विधायक अरुण कुमार का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व राज्य में तनाव पैदा कर माहौल ख़राब करना चाहते हैं.


उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सज़ा दी जाएगी.



सम्राट मिहिर भोज को लेकर विवाद

हरियाणा के कैथल जिले में सम्राट मिहिर भोज की नई प्रतिमा पर उनके नाम के साथ गुर्जर शब्द जोड़ने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.


द हिंदू अखबार के मुताबिक़ मूर्ति के अनावरण के बाद से हरियाणा में बीजेपी नेताओं को बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है.


राजस्थान में राजपूत समुदाय के प्रभुत्व वाले गांवों ने भी बीजेपी के नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.


अख़बार के मुताबिक 20 जुलाई को कैथल से बीजेपी विधायक लीलाराम गुर्जर ने कड़ी सुरक्षा के बीच 9वीं शताब्दी के शासक सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा की अनावरण किया था और उनकी मूर्ति पर गुर्जर शब्द लिखा हुआ था.


अनावरण के बाद से हरियाणा बीजेपी इकाई के राजपूत नेता ग़ुस्से में हैं और क़रीब 40 पदाधिकारियों ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.


इस मामले पर धनखड़ का कहना है कि मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है और फिलहाल नेताओं के इस्तीफे नहीं मिले हैं.

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