सावन शिवरात्रि 2023 पूजा मुहूर्त
सावन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - जुलाई 15, 2023 रात्रि 08 बजकर 32 मिनट से
सावन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि समाप्त - जुलाई 16, 2023 रात्रि 10 बजकर 08 मिनट तक
शिवरात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 07 बजकर 21 मिनट से रात्रि 09 बजकर 54 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात्रि 09 बजकर 54 मिनट से रात्रि 12 बजकर 27 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा समय - रात्रि 12 बजकर 27 मिनट से 16 जुलाई प्रातः 03 बजे तक
चतुर्थ प्रहर पूजा समय - प्रातः 03 बजे से सुबह 05 बजकर 33 मिनट तक
सावन कांवड़ यात्रा का क्या है महत्व?
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए जाना जाता है। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान परशुराम जी ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले कांवड़ यात्रा की थी। मान्यता है कि कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव को जल अर्पित करने से जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि सावन के महीने में भगवान शिव की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
No comments:
Post a Comment