Monday, July 10, 2023

New Debit, Credit Card Rules: RBI के लेटेस्ट ड्राफ्ट सर्कुलर से डेबिट, क्रेडिट और प्रीपेड कार्ड यूजर्स को फायदा हो सकता है.

 New Debit, Credit Card Rules:

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने लेटेस्ट ड्राफ्ट सर्कुलर में एक प्रस्ताव रखा है जो डेबिट, क्रेडिट और प्रीपेड कार्ड यूजर्स को अपने पसंदीदा कार्ड नेटवर्क को सिलेक्ट करने का अधिकार देता है. यह प्रस्ताव मौजूदा नियम को चुनौती देता है, जहां कार्ड नेटवर्क ऑप्शंस जारीकर्ताओं और नेटवर्क के बीच हुए एग्रीमेंट (समझौतों) द्वारा पूर्व निर्धारित होते हैं. जैसे क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड दोनों कार्ड के जरिए आपको एक तय नेटवर्क मिलता है.


नेटवर्क यानी वो कार्ड या तो वीजा कार्ड (Visa Card), मास्टरकार्ड (Mastercard) या फिर रुपे कार्ड (RuPay Card) होता है. आपको जब बैंक की तरफ से डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड दिया जाता है तो कस्टमर के तौर पर आपको मनचाहा नेटवर्क चुनने का ऑप्शन नहीं दिया जाता है. बैंक आपको जिस नेटवर्क का कार्ड देता है आपको वही कार्ड यूज करना पड़ता है.


डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर RBI का ड्राफ्ट प्रपोजल

RBI ने कहा कि यह देखा गया है कि कार्ड नेटवर्क और कार्ड जारीकर्ताओं (बैंक और गैर-बैंक) के बीच मौजूदा व्यवस्था ग्राहकों को उनके कार्ड के नेटवर्क बदलने का ऑप्शन नहीं देती है. लेकिन आरबीआई के इस सर्कुलर के बाद ये आप्शन अब यूजर्स को दिया जाएगा जिससे उन्हें काफी फायदा होगा.

RBI के ड्राफ्ट प्रपोजल के मुताबिक कार्ड जारीकर्ता, कार्ड नेटवर्क के साथ ऐसी कोई व्यवस्था या समझौता नहीं करेंगे जो उन्हें अन्य कार्ड नेटवर्क की सेवाओं का लाभ उठाने से रोकता है. कार्ड जारीकर्ताओं को अब एक से अधिक कार्ड नेटवर्क पर कार्ड जारी करने होंगे. जारीकर्ता अपने ग्राहकों को कई कार्ड नेटवर्क में से किसी एक को चुनने का ऑप्शन प्रोवाइड करेंगे. इस विकल्प का इस्तेमाल ग्राहक कार्ड जारी करने के समय या उसके बाद किसी भी समय कर सकते हैं.

कार्ड नेटवर्क पोर्टेबिलिटी क्या है?

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से आप सभी वाकिफ है. जब आप अपने टेलीकॉम प्रोवाइडर से खुश नहीं होते तो अपना मोबाइल नंबर दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के साथ पोर्ट करा लेते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक अब ऐसी ही सुविधा क्रेडिट और डेबिट कार्ड के मामले में शुरू करने जा रहा है. कार्ड नेटवर्क पोर्टेबिलिटी के जरिए कस्टमर अपने कार्ड अकाउंट को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में ट्रांसफर कर पाएंगे. कार्ड नेटवर्क पोर्टेबिलिटी कार्ड होल्डर को दूसरे पेमेंट नेटवर्क पर स्विच करते समय अपने मौजूदा कार्ड अकाउंट, बैलेंस और क्रेडिट हिस्ट्री को बनाए रखने की इजाजत देती है.

इस पर केंद्रीय बैंक ने 4 अगस्त तक ड्राफ्ट सर्कुलर पर स्टेकहोल्डर्स के कमेंट मांगे हैं. यह ड्राफ्ट ग्राहकों के लिए काफी फायदेमंद है, ये उन्हें निर्णय लेने का अधिकार और पोर्टेबिलिटी प्रोवाइड करता है, लेकिन इसके चलते बैंकों को ऑपरेशनल चैलेंज और बढ़ी हुई कॉस्ट का सामना करना पड़ सकता है.

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