चमेली:
संस्कृत में सौमनस्यायनी,
अंग्रेज़ी में जेज़मीन
कई औषधीय गुण – तेल बनता है,
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए
उपयोगी, इत्र भी बनता है।
चमेली की बेल होती है और पौधा भी।
फूलों का गजरा बनता!
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
पारिजात [हरसिंगार, शैफालिका],
अंग्रेज़ी में नाइट जेज़मीन,
उर्दू में गुलजाफ़री
सिर्फ रात में खिलते,
सुबह होते-होते मुरझा जाते।
हरिवंशपुराण में वृक्ष और फूलों का वर्णन।
लक्ष्मी पूजन के लिए इस्तेमाल
केवल जो अपने आप पेड़ से
टूटकर नीचे गिर जाते।
🥰🥰🥰🥰🥰
जूही
अंग्रेज़ी में स्वीट जेज़मीन
छोटे सफ़ेद फूल – चमेली से मिलते-जुलते।
झाड़ी पर उगते, वर्षा ऋतु में खिलते।
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
मोगरा
संस्कृत में ‘मालती’, ‘मल्लिका’,
अंग्रेज़ी में अरेबीयन जेज़मीन
भीनी-भीनी महक वाले गर्मियों में खिलते।
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
रातरानी [चांदनी के फूल]
खुशबू बहुत दूर तक जाती।
छोटे-छोटे फूल गुच्छे में, साल में
5 या 6 बार, 7 से 10 दिन तक।
रात में खिलते, सवेरे सिकुड़ जाते।
फूलों का गजरा बनता, इत्र भी।
पौधा सदाबहार झाड़ी वाला।
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
चम्पा [अंग्रेज़ी में प्लूमेरिया]
हल्के सफ़ेद, पीले फूल
अक्सर पूजा में उपयोग
पराग नहीं होता इसलिए पुष्प पर
मधुमक्खियां कभी भी नहीं बैठती।
कामदेव के 5 फूलों में गिना जाता
– देवी मां ललिता अम्बिका के
चरणों में भी चम्पा के फूल को
अन्य फूलों, जैसे अशोक, पुन्नाग
के साथ सजाया जाता।
वृक्ष सौभाग्य का प्रतीक माना गया।
‘चम्पा तुझमें तीन गुण –
रंग, रूप और वास,
अवगुण तुझमें एक ही
भंवर न आएं पास।’
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
बेला
सफ़ेद फूल मोतिया की तरह
[मोती के समान गोल]।
बेला की झाड़ी लगभग दो मीटर तक ऊँची।
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
रजनीगंधा [अंग्रेज़ी में ट्यूबरोज़]
फूलों से माला और गुलदस्ते बनते।
लम्बी डंडियों को सजावट के
रूप में भी प्रयोग किया जाता।
सुगंधित तेल और इत्र भी बनता।
पौधे में उगता, कई औषधीय गुण।
No comments:
Post a Comment