चंदु के चाचा ने चंदु की चाची को, चांदनी चौक में, चांदनी रात में, चांदी के चम्मच से चटनी चटाई
कच्चा पापड़, पक्का पापड़
पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला
चर कचहरी कच चचा, चर कचहरी पक्के।
पक्की कचहरी कचचे चाचा, कच्छी कचरी पक्के!
एक ऊँचा ऊँट है पूँछ ऊँची ऊँट की पूँछ से भी ऊँची क्या पीठ ऊँची ऊँट की
पके पेड़ पर पका पपीता पका पेड़ या पका पपीता
समझ समझ के समझ को समझो, समझ समझना भी एक समझ है. समझ समझ के जो न समझे, मेरे समझ में वो ना समझ है |
ऊंट ऊंचा, ऊंट की पीठ ऊंची. ऊंची पूंछ ऊंट की |
फालसे का फासला
नंदु के नाना ने नंदु की नानी को नंद नगर मे नागिन दिखाई
जो हंसेगा वो फंसेगा, जो फंसेगा वो हंसेगा
डाली डाली पे नज़र डाली, किसी ने अच्छी डाली, किसी ने बुरी डाली, जिस डाली पर मैने नज़र डाली वो डाली किसी ने तोड़ डाली
आचार का कचरा ,कचरे के डिब्बे मेँ. कचरे के डिब्बे मेँ आचार का कचरा
खड़क सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियां, खिड़कियों के खड़कने से खड़कता है खड़क सिंह
चार चोर चार छाते में चार अचार चाटे, चाट–चाट कर चार छाता चोर चुराकर भागे
नीली रेल लाल रेल नीली रेल लाल रेल
नदी किनारे किराने की दुकान
काला कबूतर, सफेद तरबूज, काला तरबूज, सफेदकबूतर
चाचा के चौड़े चबूतरे पर चील ने चूहे को चोंच से चबा डाला
चंदा चमके चम चम, चीखे चौकन्ना चोर,
चिति चाटे चीनी, चकोरी चीनी खोर
शनिवार को सही समय पर शहद सही पहुंचाना
शाम समय पर शहद न पहुंचा साल भर शर्माना
चार नयी नवेली दुल्हन दुल्हन नयी नवेली चार !
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