हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व को बहुत ही पावन माना जाता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि नवरात्रि के दिनों में माता रानी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, इसलिए इन दिनों उन्हें प्रसन्न करना अधिक आसान होता है। नवरात्रि के पावन दिनों में सुबह-शाम माता की पूजा और आरती करने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। साथ ही इस दौरना देवी दुर्गा के कुछ चमत्कारी मंत्रों का जाप भी किया जाता है। नवरात्रि के दिनों में इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में खुशियां आती हैं। साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। यदि आपकी भी कोई मनोकामना है तो नवरात्रि में इन मंत्रों का जाप अवश्य करें। चलिए जानते हैं माता रानी के चमत्कारी मंत्रों के बारे में...
जीवनसाथी पाने के लिए
पत्नीं मनोरमां देहि नोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
गुणवान और शक्तिशाली बनने के लिए
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्ति भूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते।।
खुशियों के लिए
प्रणतानां प्रसीद त्वं देवि विश्वार्तिहारिणि। त्रैलोक्यवासिनामीडये लोकानां वरदा भव।।
आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः। सवर्स्धः स्मृता मतिमतीव शुभाम् ददासि।।
संतान सुख के लिए
सर्वाबाधा वि निर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥
समस्याओं के निवाराण के लिए
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।।
ऐश्वर्य से भरपूर जीवन के लिए
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः। शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै।।
मोक्ष प्राप्ति के लिए
सर्वस्य बुद्धिरुपेण जनस्य हृदि संस्थिते। स्वर्गापवर्गदे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।
सिद्धि की प्राप्ति के लिए
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय।।
मां दुर्गा की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर, आसन के लिए लाल रंग का कपड़ा, फूल, फूल माला, आम के पत्ते, बंदनवार, पान, सुपारी, लौंग, बताशा, हल्दी की गांठ, थोड़ी पीसी हुई हल्दी, मौली, रोली, कमलगट्टा, शहद, शक्कर, पंचमेवा, गंगाजल, नैवेध, जावित्री, नारियल जटा वाला, सूखा नारियल, नवग्रह पूजन के लिए सभी रंग या फिर चावलों को रंग लें, दूध, वस्त्र, दही, पूजा की थाली, दीपक, घी, अगरबत्ती आदि।
कलश स्थापना के लिए सामग्री
मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, मौली, थोड़ा सा अक्षत, हल्दी।
मां दुर्गा के सोलह श्रृंगार की लिस्ट
लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, महावर, शीशा, बिछिया, इत्र, चोटी, गले के लिए माला या मंगलसूत्र, पायल, नेल पेंट, लिपस्टिक, रबर बैंड, नथ, गजरा, मांग टीका, कान की बाली, कंघी, शीशा आदि।
हवन के लिए सामग्री
हवन कुंड, लौंग का जोड़ा, कपूर, सुपारी, गुग्ल, लोबान, घी, पांच मेवा और अक्षत।
अखंड ज्योति के लिए सामग्री
पीतल या मिट्टी का साफ दीया, जोत के लिए रुई की बत्ती, रोली या सिंदूर, चावल।
देवी मंत्र से पूरे होंगे दुख
यदि आप किसी कारणवश उपवास रखने में असमर्थ हैं, तो नियमित रूप से देवी की पूजा और और उनके मंत्रों का जाप जरूर करें। ऐसा करने से आप पर मां का आशीर्वाद बना रहेगा। साथ ही कृपा भी बरसाती रहेगी।
कन्या पूजन
अगर आप नवरात्रि का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो प्रतिदिन एक कन्या को आदरपूर्वक घर में बुलाकर उसका पूजन करना चाहिए। इसके अलावा उसे खाना खिलाने और उपहार देने के बाद उसका आशीर्वाद जरूर लें। ऐसा करने से आप पर माता रानी की कृपा बनी रहेगी।
इस उपाय से चमकेगी किस्मत
यदि आप किसी कारणवश अखंड दीप नहीं जला रहे हैं, तो आप सुबह और शाम माता रानी की मूर्ति के सामने दिया जलाकर पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान देवी दुर्गा के सामने नारियल के साथ चुनरी जरूर चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने पर आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है।

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