बदलते रिश्तो की दास्तान | मतलबी रिश्ते – सत्य घटना पर आधारित🥲कब आपको अपने ही किस मोड़ पे धोखा दे दे, ये आप सोच नहीं सकतें।
ये कहानी हमारे सोसाइटी में रहने वाले एक व्यक्ति कि है। जिनको मै बचपन से अपने सोसाइटी में रहते देख रहा हूँ। एक ही सोसाइटी में रहते रहते मै उनको अच्छे से जनता हु। मेरा और उनका मिलना जुलना भी होता है। जो अब बूढ़े हो चुके है, ये बात पच्चीस साल पहले कि जब वह व्यक्ति गाव से अपने बड़े भाई के पास मुंबई रहने के लिए आये थे। उनके बड़े भाई अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते थे जिसमे उनकी पत्नी और दो बेटे थे। दोनों बेटो कि उम्र पांच छह साल के आस पास ही थी। कम पढ़ा लिखें होने कि वजह से उस व्यक्ति को कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल रही थी। बहुत कोशिश किया उन्होंने लेकिन उन्हें कोई भी नौकरी नहीं मिली और कई महीने बित गए। उनके पास जो भी पैसे थे वो भी ख़तम हो ने लगे फिर उन्होंने हिम्मत करके मुंबई की एक सड़क के किनारे बैठकर बेल्ट और पर्स बेचने का व्यापार सुरु किया। धीरे धीरे उनका सड़क पर बेल्ट और पर्स बेचने का व्यापार चलने लगा और वो उसी काम में व्यस्त हो गए और उसी को अपना काम बना लिया। अब समय अच्छा बित रहा था उनकी जीवन कि गाड़ी पटरी पर आ गयी थी। कुछ साल के बाद उनके बड़े भाई का देहांत हो गया। अब बड़े भाई के परिवार कि ज...